जरुरी जानकारी | रामागुंडम फर्टिलाइजर्स नवंबर से वाणिज्यिक यूरिया उत्पादन शुरू करेगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. रामागुंडम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (आरएफसीएल) द्वारा, पहले निर्धारित किये गये जून महीने के बजाय, नवंबर माह से यूरिया उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है। कोविड -19 महामारी और उसकी वजह से लागू लॉकडाउन के कारण पहले इसे जून में शुरू करने का कार्यक्रम बनाया गया था। इस सार्वजनिक उपक्रम के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

हैदराबाद, 27 अगस्त रामागुंडम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (आरएफसीएल) द्वारा, पहले निर्धारित किये गये जून महीने के बजाय, नवंबर माह से यूरिया उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है। कोविड -19 महामारी और उसकी वजह से लागू लॉकडाउन के कारण पहले इसे जून में शुरू करने का कार्यक्रम बनाया गया था। इस सार्वजनिक उपक्रम के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरएफसीएल के अधिकारियों के साथ संयंत्र की प्रगति की समीक्षा की।

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अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि 15 अगस्त तक संयंत्र ने 99.67 प्रतिशत की समग्र भौतिक प्रगति हासिल की है।

आरएफसीएल, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड और फर्टिलाइजर्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का एक संयुक्त उद्यम है, जो तेलंगाना के रामागुंडम में स्थित है।

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इस गैस-आधारित संयंत्र की प्रति वर्ष 12.7 लाख टन यूरिया उत्पादन करने की क्षमता है।

अधिकारियों ने केन्द्रीय मंत्री को बताया, ‘‘20 सितंबर तक संयंत्र की अनुमानित यांत्रिक काम के पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद यूरिया उत्पादन के लिए परिचालनात्मक गतिविधियों में पांच से छह सप्ताह का समय लगेगा। यूरिया उत्पादन के लिए प्रत्याशित अतिरिक्त देरी, (30 जून को पूर्व में निर्धारित) कोविड-19 और उसकी वजह से लागू किये गये लॉकडाउन प्रभाव के कारण चार से पांच महीने का है। इसलिए वर्तमान परिदृश्य में, यूरिया का उत्पादन अक्टूबर 2020 के अंत तक होने की उम्मीद है और निर्धारित किए गए वाणिज्यिक परिचालन की तिथि (एससीओडी) मध्य नवंबर यानी 20 नवंबर तक हो सकती है।’’

परियोजना की संशोधित लागत 6,175 करोड़ रुपये (1,721 करोड़ रुपये इक्विटी और 4,454 करोड़ रुपये का कर्ज) का है। मूल अनुमानित लागत 5,254 करोड़ रुपये थी।

एनएफएल के अलावा, ईआईएल के पास 26 प्रतिशत शेयर है, जबकि गेल के पास 14.3 प्रतिशत शेयर है। एफसीआईएल और तेलंगाना सरकार के पास 11-11 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

आरएफसीएल की वेबसाइट के अनुसार, इस संयंत्र में प्रति दिन 2,200 टन अमोनिया का उत्पादन करने की भी क्षमता है।

आरएफसीएल के अधिकारियों ने संयंत्र में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती की मांग की, जिसके लिए रेड्डी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

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