नयी दिल्ली, दो अगस्त राज्यसभा ने बुधवार को ‘वन (संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2023’ को मंजूरी दे दी जिसका मकसद वनों के संरक्षण के साथ ही विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करना और लोगों के जीवनस्तर में सुधार लाना है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने विधेयक को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया।
विधेयक पर हुई संक्षिप्त चर्चा के दौरान सदस्यों ने वनों के संरक्षण के साथ ही विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर जोर दिया। इसके साथ ही सदस्यों ने कहा कि यह विधेयक देश की सुरक्षा के लिए भी अहम है और किसी भी स्थिति में देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए पर्यावरण मंत्री यादव ने कहा कि दुनिया में प्रकृति से संबंधित जो चुनौतियां हैं उनमें तापमान में वृद्धि और जैव-विविधता में कमी प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की चुनौतियों को देखते हुए पश्चिमी देश आज जो कदम उठा रहे हैं, भारत में उनका पालन प्राचीन काल से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास वनों के संरक्षण के साथ ही आधारभूत ढांचा का विकास करना है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से संतुलित विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
यादव ने कहा कि इस विधेयक से जंगलों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में आसानी होगी वहीं वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में भी आदिवासियों के विकास के लिए सरकार काम कर सकेगी।
मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी दे दी।
लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है।
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे। विपक्षी सदस्यों ने मणिपुर के मुद्दे पर सदन से बहिर्गमन किया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY