देश की खबरें | रोजगार मेला को लेकर प्रधानमंत्री को निशाना बनाने पर राजीव चंद्रशेखर ने जयराम को घेरा

नयी दिल्ली, 28 अगस्त केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर निशाना साधते हुए उन्हें 'स्पिनमास्टर' करार दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियों को कमतर करने के लिए ‘जुमला’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं।

चंद्रशेखर की यह टिप्पणी कांग्रेस महासचिव रमेश के उस बयान पर आई है, जिसमें उन्होंने रोजगार मेलों को ‘सबसे बड़ा जुमला’ करार देते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री हर साल दो करोड़ नौकरी देने के अपने वादे को पूरा करने में ‘असफल’ रहे हैं।

रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ‘‘हर साल दो करोड़ नौकरी देने के अपने वादे को पूरा करने में असफल रहने के बाद...नोटबंदी, गलत तरीके से तैयार जीएसटी और बिना किसी तैयारी के अचानक लॉकडाउन लगाकर एमएसएमई (लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम) क्षेत्र को बर्बाद करने के बाद... नौ साल से अधिक समय तक युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं पर पानी फेरने के बाद... प्रधानमंत्री चुनावी वर्ष में मुश्किल स्थिति में हैं।’’

इसके जवाब में चंद्रशेखर ने कहा कि रमेश पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की ‘फ्लॉप भूमिकाओं’ में कदम रख रहे हैं।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘वह (जयराम रमेश) चिदंबरम और रघुराम राजन की ‘असफल भूमिका’ निभाना चाहते हैं। वह प्रधानमंत्री मोदी की सरकार की उपलब्धियों को जुमला बता रहे हैं। चिदंबरम ने 2016 में जन धन योजना और खाते में सीधे पैसे भेजने (डीबीटी) योजना को जुमला बताया था। आज ये दोनों गरीबों के सशक्तीकरण का शानदार उदाहरण बन गए हैं। इसके तहत आर्थिक समावेशन को बढ़ावा मिला और गरीबों के 50 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें दो लाख करोड़ रुपये जमा हुए हैं।’’

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि रघुराम राजन ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल के दौरान वित्तीय क्षेत्र को बर्बाद किया, कोरोना महामारी के समय प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक नीतियों को बेकार करने की कोशिश की और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को तबाह किया।

उन्होंने कहा कि आज भारत सबसे तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था है और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात के साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन विनिर्माता है।

चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि जयराम रमेश ने भारत में बने कोरोना के टीकों के बारे में ‘अनिश्चितताएं’ पैदा कीं, जबकि ‘उनके बॉस’ ने फाइजर जैसे आयातित टीकों पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ये कंपनियां भारत पर शर्तें थोप रहीं थीं। मोदी सरकार ने महामारी से लड़ने में वैश्विक स्तर पर जबरदस्त सफलता हासिल की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘देशवासियों को 200 करोड़ ‘मेड इन इंडिया’ टीके लगे। भारत आज दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। सरकारी क्षेत्र में छह लाख युवाओं को नौकरी मिली है। निजी क्षेत्रों में लाखों लोगों को रोजगार मिला है। इसके बाद भी कांग्रेस द्वारा राहुल गांधी को फिर से लॉन्च करने की कोशिश में मोदी सरकार की उपलब्धियों को जुमला कहा जा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि जयराम रमेश यह बताना भूल गए कि 2014 में उनकी सरकार ने 42 करोड़ का जो कार्यबल छोड़ा था उसमें से हर चार भारतीय में से तीन अकुशल था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीयों को कुशल बनाने के लिए कठिन परिश्रम किया और नौ साल की उनकी सरकार में युवाओं को कुशल बनाया गया, जिससे उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की आर्थिक विकास की रफ्तार बढ़ी है, लेकिन स्पिनमास्टर शायद एक भुलक्कड़ आदमी हैं या अपनी पसंद के तथ्यों को चुनने में माहिर हैं। इसलिए तो वह स्पिनमास्टर हैं। हालांकि वह इस बात को नहीं छिपा सकते हैं कि कांग्रेस-शासित राज्य सरकारें बेरोजगारी और महंगाई में आगे हैं। भारतीय राजनीति में सबसे बड़ा जुमला राहुल गांधी और कांग्रेस हैं।’’

ब्रजेन्द्र

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