देश की खबरें | राजस्थान: नीट-स्नातक में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में दो चिकित्सक गिरफ्तार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान पुलिस ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक 2020 में फर्जी अभ्यर्थी के जरिए लाभ दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपी चिकित्सकों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक अन्य चिकित्सक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
जयपुर, छह जून राजस्थान पुलिस ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक 2020 में फर्जी अभ्यर्थी के जरिए लाभ दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपी चिकित्सकों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक अन्य चिकित्सक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
जयपुर के पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) अमित कुमार ने बताया कि नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा नीट स्नातक 2020 के संबंध में एक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी कि इस परीक्षा में सचिन गोरा के स्थान पर अजीत गोरा की फोटो लगाकर आवेदन किया गया था।
उन्होंने बताया कि परीक्षा में सचिन के स्थान पर फर्जी अभ्यर्थी के रूप में बैठने वाले व्यक्ति ने 667 अंक प्राप्त किए और उसी आधार पर सचिन गोरा ने एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जोधपुर स्थित एम्स में प्रवेश लिया जबकि सचिन गोरा नाम के व्यक्ति ने कभी परीक्षा दी ही नहीं।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस की टीम ने मामले की जांच करते हुए सचिन व अजीत गोरा को पकड़कर उनसे पूछताछ की और यह सामने आया कि सचिन वर्तमान में जोधपुर स्थित एम्स में एमबीबीएस की अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में आयोजित परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए डॉ. सुभाष सैनी को पैसे दिए गये थे।
अधिकारी ने बताया कि सुभाष सैनी वर्तमान में घाटवा में ‘कॉमन हेल्थ ऑफिसर’ के पद पर तैनात है और उसके पास आयुर्विज्ञान की डिग्री है।
पुलिस ने बताया कि सुभाष ने अजीत और अन्य लोगों को साजिश में शामिल कर फर्जी अभ्यर्थी के जरिये परीक्षा में धांधली की।
पुलिस के मुताबिक, अजीत इस समय भरतपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद ‘इंटर्नशिप’ कर रहा है।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फर्जी अभ्यर्थी के जरिये परीक्षा देने के लिए 60 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।
पुलिस ने सचिन व अजीत को गिरफ्तार कर लिया और इस फर्जीवाड़े में शामिल डॉ. सुभाष सैनी को भी पकड़ लिया।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2013 में आरोपी सुभाष सैनी ने नीट परास्नातक पास करवाने की एवज में 65 लाख रुपए लिए थे।
करणी विहार थाना पुलिस ने 2013 में मामले के संबंध में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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