जयपुर,14 जून राजस्थान सरकार बिपरजॉय चक्रवाती तूफान से बचाव को लेकर पूरी तरह से तैयार है।
मुख्य सचिव उषा शर्मा ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी हालात से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एस डी आर एफ) की 17 टीम नियुक्त की गई हैं और 30 टीम को तैयार रहने को कहा गया है, जहां कहीं भी इसकी जरूरत होगी, वहां इन्हें भेजा जाएगा।
शर्मा बुधवार को शासन सचिवालय में बिपरजॉय चक्रवाती तूफान के असर से राजस्थान को बचाने के लिए जिला कलेक्टरों की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा उपस्थित रहे तथा प्रभावित होने वाले जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े।
शर्मा ने कहा कि बिपरजॉय को लेकर सरकार की तैयारियों का स्तर इस प्रकार का होना चाहिए कि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अपने मुख्यालय पर मौजूद रहें।
एक सरकारी बयान के अनुसार मुख्य सचिव ने लोगों में इस प्राकृतिक आपदा से बचाव के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी पहुंचाने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि निचले इलाकों में जलमग्नता की वजह से लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए ग्राम प्रधान, ग्राम रक्षक, सुरक्षा सखी, सभी पंचायत समिति के सदस्यों की मदद से लोगों में जागरूकता फैलाई जाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान हमेशा से आपदा प्रंबधन में अव्वल रहा है, इस बार भी राज्य इससे अच्छे से गुजर जाएगा।
बैठक में मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया कि यह बिपरजॉय 16 जून को कमजोर होकर जालोर और बाड़मेर में प्रवेश करेगा जिसकी रफ्तार 50 से 60 किमी/घंटा रह जाएगी, फलस्वरूप प्रदेश में भारी बारिश और आंधी आ सकती है। उनका कहना था कि पश्चिम राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है, 17 जून के बाद यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगा।
बैठक में उपस्थित जिला कलेक्टरों ने आश्वासन दिया कि बिजली, मेडिकल, पुलिस जैसे विभागों को सचेत कर दिया गया है, वे अपनी मशीनरी के साथ सर्तक हैं।
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