मुंबई, 17 जून विधि निर्माताओं के दलबदल से राजनीतिक दलों में मचे हड़कंप के बीच, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अन्य नेताओं ने शनिवार को कहा कि खरीद-फरोख्त ने लोकतंत्र के मूलभाव को प्रभावित किया है और इसे प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए।
गहलोत ने यहां राष्ट्रीय विधि निर्माता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि खरीद-फरोख्त न केवल किसी एक पार्टी के लिए बल्कि सभी के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।
गहलोत ने सम्मेलन को डिजिटल रूप से संबोधित करते हुए कहा, “कई बार लोग लालची हो जाते हैं और पार्टी बदल देते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। इससे युवाओं में गलत संदेश जाता है।”
उन्होंने कहा, लोकतंत्र में हम विपक्ष के दुश्मन नहीं हैं। लेकिन हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध रहें और दल बदलने के बारे में कभी न सोचें।
पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भी दल-बदल विरोधी कानून पर चिंता व्यक्त की और कहा कि अगर विधायक अपनी राजनीतिक निष्ठा बदलना चाहते हैं तो उन्हें पहले इस्तीफा दे देना चाहिए।
नायडू ने दल-बदल विरोधी कानून की समीक्षा का भी आह्वान किया क्योंकि इसके कई प्रावधानों की उपयोगिता समाप्त हो चुकी है।
उन्होंने कहा, “अगर आपको पार्टी छोड़नी है, तो आपको इस्तीफा देना चाहिए और अपनी पसंद की पार्टी में शामिल होना चाहिए। इस तरह, दल-बदल विरोधी कानून पर फिर से विचार करना होगा।”
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY