रेलवे ने श्रमिक रेलगाड़ियों में सांप्रदायिक झगड़े, परेशानी करने वालों पर नजर रखने को कहा
देश में गत शुक्रवार से अब तक करीब 67 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियो का परिचालन किया गया है और अब रेलवे ने सुरक्षा और स्वच्छता नियमावली को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।
नयी दिल्ली, पांच मई रेलवे ने श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन करने वाले जोनल रेलवे को जारी दिशानिर्देश में कहा कि वे उन लोगों पर नजर रखे जो सांप्रदायिक झगड़े और मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। यात्रियों के व्यवहार पर भी नजर बनाए रखने को कहा गया है।
देश में गत शुक्रवार से अब तक करीब 67 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियो का परिचालन किया गया है और अब रेलवे ने सुरक्षा और स्वच्छता नियमावली को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।
रेलवे अधिकारियों ने यह खुलासा नहीं किया है कि अब तक इस सेवा पर कितना व्यय किया गया है जबकि सरकार का कहना है कि खर्च रेलवे और राज्य 85 :15 के अनुपात में वहन कर रहे हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि शुरुआती 34 विशेष रेलगाड़ियों पर रेलवे ने 24 करोड़ रुपये की राशि व्यय की है जबकि राज्यों ने 3.5 करोड़ रुपये का अंशदान किया है।
रेलवे द्वारा सोमवार को जारी दिशानिर्देश में नियमों को तीन भागों - रेलगाड़ी के प्रस्थान स्टेशन, गंतव्य स्टेशन और रेलगाड़ी के भीतर- में बांटा गया है। इसमें सुरक्षा प्रबंधों के बारे में भी निर्देश है। सभी रेलवे स्टेशन के प्रवेश-निकास मार्ग और रेलगाड़ी के दरवाजों पर सुरक्षा उपाय करने को कहा गया है।
दिशानिर्देश में कहा गया, ‘‘सुरक्षाकर्मियों की उपस्थिति को बढ़ाया जाए। इसके लिए सेवानिवृत्त सैनिकों, होम गार्ड और निजी सुरक्षा कर्मियों की भर्ती की जाए। खुफिया एजेंसियों से करीबी संवाद कर यात्रियों के बीच सांप्रदायिक झगड़े या समूह संघर्ष की संभावनाओं का पता लगाया जाए। इस तरह की घटना की संभावना की जानकारी मिलने पर जरूरी एहतियात बरती जाए जैसे कि प्रस्थान और गंतव्य स्टेशन एवं रास्ते में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाकर।’’
दिशानिर्देश के मुताबिक, ‘‘यात्रियों के व्यवहार पर कड़ी नजर रखी जाए और समस्या उत्पन्न करने वाले की पहचान कर समूह से अलग किया जाए। स्थिति खराब होने की स्थिति में यथाशीघ्र हस्तक्षेप के लिए राज्य पुलिस से संपर्क किया जा सकता है।’’
रेलवे ने कहा कि रेलगाड़ी की साफ-सफाई प्रस्थान और गंतव्य स्टेशन दोनों जगह की जानी चाहिए।
दिशानिर्देश के मुताबिक लिक्विड सोप (तरल साबुन) मुहैया कराई जाए और शौचालयों की सफाई के लिए कुछ कर्मचारी रेलगाड़ी के भीतर मौजूद हों।
रेलवे प्रवासी कामगारों से किराया लेने के आरोपों का सामना कर रहा है। हालांकि, इस बीच उसने 67 विशेष रेलगाड़ियों से करीब 67 हजार श्रमिकों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया है।
रेलवे मेल/एक्सप्रेस का शयनयान का किराया वसूल रहा है। इसके अलावा 30 रुपये सुपरफास्ट शुल्क और 20 रुपये अतिरिक्त शुल्क श्रमिक विशेष ट्रेन के लिए ले रहा है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2020 06:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

