नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि रेलवे ने ऑटोमाबाइल परिवहन में 2021-22 तक 20 प्रतिशत और 2023-24 तक 30 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य तय किया है।
उन्होंने ऑटो उद्योग के नेताओं के साथ एक बैठक में उन्हें रेलवे नेटवर्क का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम), टाटा मोटर्स, हुंदै मोटर्स, फोर्ड मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, होंडा इंडिया और मारुति सुजुकी लिमिटेड के साथ ही ऑटोमोबाइल फ्रेट ट्रेन ऑपरेटर्स, ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।
रेलवे के जरिए कुल ऑटोमोबाइल का परिवहन 2013-14 में 429 रेक था, जो 2019-20 में बढ़ कर 1,595 रैक हो गया है।
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बयान में कहा गया, ‘‘रेलवे का लक्ष्य 2021-22 के अंत तक 20% हिस्सेदारी और 2023-24 तक 30% हिस्सेदारी हासिल करना है।’’
इस बातचीत के दौरान लोडिंग को बढ़ावा देने के लिए रेलवे द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बताया गया।
बयान में कहा गया कि रेलवे ने बांग्लादेश और नेपाल को ऑटोमोबाइल के निर्यात की भी अनुमति दी है।
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