देश की खबरें | पृथक-वास डिब्बों को ठंडा रखने के लिए रेलवे नए तरीके आजमा रहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज के लिए तैनात किए गए पृथक-वास डिब्बों को ठंडा रखने के मद्देनजर रेलवे गर्मी रोकने वाले पेंट और बांस की चिक के अलावा ''बबल रैप्स'' जैसे नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है।
नयी दिल्ली, 19 जून कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज के लिए तैनात किए गए पृथक-वास डिब्बों को ठंडा रखने के मद्देनजर रेलवे गर्मी रोकने वाले पेंट और बांस की चिक के अलावा ''बबल रैप्स'' जैसे नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है।
रेलवे ने एक बयान में कहा कि इन पृथक-वास डिब्बों को शीट से ढका जा रहा है ताकि अंदर का हिस्सा ठंडा रह सके। ये डिब्बे पांच राज्य में कोविड सुविधा केंद्रों के तौर पर तैनात किए गए हैं।
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इसके मुताबिक, ''बबल रैप फिल्मस'' (बुलबुले वाली पॉलीथिन) को भी डिब्बों पर लपेटा जा रहा है, जिसके जरिए डिब्बे के अंदर का तापमान एक डिग्री सेल्सियस तक कम किए जाने की उम्मीद है।
इसी तरह, प्रयोग के तौर पर उत्तर रेलवे ने पृथक-वास डिब्बों की छत पर गर्मी को कम करने में मददगार पेंट की परत चढ़ाई है और पाया गया कि इस तकनीक से अंदरुनी तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस तक कम किया जा सकता है।
बयान के मुताबिक, '' आईआईटी मुंबई के सहयोग से विकसित अन्य परत को चढ़ाने की भी योजना बनायी जा रही है। इसका परीक्षण 20 जून को किया जाएगा और नतीजे दर्ज किए जाएंगे।''
रेलवे के मुताबिक, डिब्बों के अंदर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने योग्य कूलर भी लगाकर आजमाया गया है और यह तीन डिग्री सेल्सियस तक तापमान में कमी लाने में सहायक साबित हुआ है।
इसके मुताबिक, डिब्बों को ठंडा रखने से मरीजों को गर्मी के कारण परेशान नहीं होना पड़ेगा।
बयान के मुताबिक, वातानुकूलित डिब्बों के इस्तेमाल से संक्रमण के प्रसार का जोखिम हो सकता है इसलिए नीति आयोग और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच हुई चर्चा के बाद पृथक-वास डिब्बों में वातानुकूलन का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला किया गया।
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