देश की खबरें | श्रमिक ट्रेनों के असामान्य मार्गों पर रेलवे ने कहा : मार्ग-परिवर्तन नहीं, तर्कसंगत बनाया गया
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नयी दिल्ली, 26 मई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में भोजन और पानी की कमी तथा अत्यधिक विलंब की शिकायतों की, सोशल मीडिया पर भरमार होने के बीच रेलवे ने मंगलवार को कहा कि अब किसी ट्रेन के मार्ग में परिवर्तन नहीं किया जा रहा है। साथ ही रेलवे ने कहा कि पिछले तीन दिनों के दौरान सभी ट्रेनें अपने "पूर्व-निर्धारित तर्कसंगत मार्गों" पर चल रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि किसी एक ट्रेन के अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई मार्ग होते हैं और संभव है कि तर्कसंगत मार्ग "सामान्य मार्ग" नहीं हों।
रेलवे ने कहा है कि नेटवर्क की व्यस्तता मुख्य कारण है जिसकी वजह से ट्रेनों को "असामान्य" मार्गों से भेजा गया। उन्होंने कहा कि यह सामान्य दिनों में भी अनसुनी बात नहीं है।
रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा, "अब कोई मार्ग परिवर्तन नहीं है। पिछले तीन दिनों के दौरान शुरु हुयी सभी ट्रेनें अपने पूर्व-निर्धारित तर्कसंगत मार्गों पर चल रही हैं।"
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एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन 21 मई को मुंबई से गोरखपुर के लिए रवाना हुयी। ट्रेन को कल्याण-जलगांव-भुसावल-खंडवा-इटारसी-जबलपुर-मानिकपुर मार्ग से जाना था। लेकिन मौजूदा मार्गों पर भारी ट्रैफिक के कारण इसे गोरखपुर से बिलासपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, आसनसोल मार्ग से रवाना किया गया।
यात्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए आरोप लगाया कि उन्हें समय में बदलाव के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई और वे भोजन और पानी के बिना फंसे रहे।
हालांकि मंगलवार को रेलवे ने एक बयान में कहा कि अब तक उसने एक करोड़ से अधिक पानी की बोतलें तथा 74 लाख मुफ्त भोजन वितरित किए हैं। लेकिन कई यात्रियों ने ट्वीट किया कि वे यात्रा में अधिक समय लगने के कारण भूख से परेशान हैं।
इस मुद्दे से निपटने के लिए रेलवे ने 22 मई को एक आदेश में प्रत्येक ज़ोन के महाप्रबंधकों को प्रत्येक श्रमिक स्पेशल ट्रेन पर एक लाख रुपये तक खर्च करने का अधिकार दिया।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इन ट्रेनों में भोजन की मांग को पूरा करना मुश्किल काम है क्योंकि वे बिना तय समय के चलती हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 26, 2020 11:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

