नयी दिल्ली, सात फरवरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अनियमितताओं के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों को शुक्रवार को ‘‘निराधार और ओछा’’ करार दिया तथा कहा कि यह ‘‘हारे हुए व्यक्ति के रोने’’ से ज्यादा कुछ नहीं है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र की मतदाता सूची में ‘‘विसंगतियां’’ हैं और बार-बार आग्रह के बावजूद निर्वाचन आयोग की ओर से प्रदेश के मतदाताओं के डेटा उपलब्ध नहीं कराने से लगता है कि कुछ न कुछ गलत है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र में मतदाताओं की संख्या राज्य की कुल वयस्क आबादी से ज्यादा है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के आंकड़े के अनुसार, राज्य की वयस्क आबादी 9.54 करोड़ है, जबकि मतदाताओं की संख्या 9.70 करोड़ है।’’
नेता प्रतिपक्ष (लोकसभा में) ने शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि यदि निर्वाचन आयोग डेटा उपलब्ध कराने की मांग नहीं मानता तो अगला कदम न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाना होगा।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को पारदर्शिता लानी चाहिए, महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़ी पूरे राज्य की केंद्रीकृत मतदाता सूची उपलब्ध कराना उसकी जिम्मेदारी है।
गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ इस तरह के झूठे और ओछे आरोप लगाने से उन्हें क्या हासिल होता है?’’
भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी के आरोपों को लेकर उनकी आलोचना करते हुए इसे ‘‘निराधार’’ करार दिया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उनके आरोप निराधार हैं... एक हारे हुए व्यक्ति के रोने से ज्यादा कुछ नहीं।’’
भाजपा नेता ने रेखांकित किया कि 18 जनवरी को गांधी ने कहा था कि विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र की मतदाता सूची में एक करोड़ मतदाता जोड़े गए।
उन्होंने कहा, ‘‘तीन फरवरी को संसद में उन्होंने दावा किया कि यह संख्या 70 लाख है। आज वह 39 लाख का नया नंबर लेकर आ गए। क्या विपक्ष के नेता को पता भी है कि वह क्या बोल रहे हैं?’’
गांधी के दावे को ‘‘झूठा और आधारहीन’’ करार देते हुए महाराष्ट्र से भाजपा के राज्यसभा सदस्य भागवत कराड ने कहा कि लोगों ने राज्य में महायुति सरकार और केंद्र में नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा किए गए कार्यों के कारण विधानसभा चुनाव में महायुति को अपना जनादेश दिया।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘यदि ऐसा होता (यदि राहुल गांधी का दावा सही होता) तो हम हर जगह (सभी विधानसभा सीटों पर) विजयी होते।’’
उन्होंने संसद परिसर में पीटीआई- के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हम झारखंड विधानसभा चुनाव हार गए। हम कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं।’’
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