जलियांवाला बाग परिसर के पुनर्निर्माण पर राहुल गांधी का खफा, कहा- शहीदों का अपमान किया गया
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जलियांवाला बाग स्मारक स्थल का पुनर्निर्माण किये जाने के बाद इसकी भव्यता को लेकर सोशल मीडिया में उठ रहे सवालों का हवाला देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि यह शहीदों का अपमान है और यह वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता।
नयी दिल्ली, 31 अगस्त: कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने जलियांवाला बाग (Jallianwala Bagh) स्मारक स्थल (memorial site) का पुनर्निर्माण (reconstruction) किये जाने के बाद इसकी भव्यता को लेकर सोशल मीडिया में उठ रहे सवालों का हवाला देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि यह शहीदों का अपमान है और यह वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता.उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जलियांवाला बाग़ के शहीदों का ऐसा अपमान वही कर सकता है जो शहादत का मतलब नहीं जानता. मैं एक शहीद का बेटा हूं. शहीदों का अपमान किसी कीमत पर सहन नहीं करूंगा. हम इस अभद्र क्रूरता के ख़िलाफ़ हैं. ’’यह भी पढे: Dahi Handi 2021: बीजेपी विधायक राम कदम के आवास पर पहुंची मुंबई पुलिस, पाबंदी के बावजूद ‘दही हांडी’ उत्सव मनाने का किया था ऐलान
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, ‘‘जिन्होंने आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी, वे उन लोगों को नहीं समझ सकते, जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी.’’ राहुल गांधी ने उस खबर का स्क्रीनशॉट साझा किया जिसमें कहा गया है कि इस स्मारक स्थल की भव्यता को लेकर सोशल मीडिया में लोगों ने गुस्से का इजहार किया है.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलियांवाला बाग के पुनर्निर्मित परिसर का उद्घाटन किया है. इस बाग का केंद्रीय स्थल माने जाने वाले ‘‘ज्वाला स्मारक’’ की मरम्मत करने के साथ-साथ, परिसर का पुनर्निर्माण किया गया है, वहां स्थित तालाब को एक ‘‘लिली तालाब’’ के रूप में फिर से विकसित किया गया है तथा लोगों को आने-जाने में सुविधा के लिए यहां स्थित मार्गों को चौड़ा किया गया है.
इस परिसर में अनेक नई और आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है जिनमें लोगों की आवाजाही के लिए उपयुक्त संकेतकों से युक्त नव विकसित मार्ग, महत्वपूर्ण स्थानों को रोशन करना, और अधिक वृक्षारोपण के साथ बेहतर भूदृश्य, चट्टान युक्त निर्माण कार्य तथा पूरे बगीचे में ऑडियो नोड्स लगाना शामिल हैं.
इसके अलावा मोक्ष स्थल, अमर ज्योति और ध्वज मस्तूल को समाहित करने के लिए भी कार्य किया गया है.
हक
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 31, 2021 11:02 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

