देश की खबरें | राहुल या उनके प्रतिनिधि को दोषसिद्धि पर रोक के आदेश की प्रति लोस सचिवालय को दिखानी होगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाली के लिए उन्हें या उनके प्रतिनिधि को लोकसभा सचिवालय को उच्चतम न्यायालय के उस आदेश की एक प्रति दिखानी होगी जिसमें उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगा दी गयी है।

नयी दिल्ली, चार कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाली के लिए उन्हें या उनके प्रतिनिधि को लोकसभा सचिवालय को उच्चतम न्यायालय के उस आदेश की एक प्रति दिखानी होगी जिसमें उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगा दी गयी है।

लोकसभा के पूर्व महासचिव पी डी टी अचारी ने कहा कि जब सचिवालय को आदेश की प्रति मिल जाएगी तो वह राहुल की अयोग्यता को समाप्त करने के संबंध में अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

राहुल को ‘मोदी उपनाम’ को लेकर की गयी टिप्पणी के मामले में गुजरात की एक अदालत ने मार्च में दोषी करार दिया था और दो साल कारावास की सजा सुनाई थी।

इसके बाद 23 मार्च को राहुल को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

वह केरल के वायनाड संसदीय क्षेत्र का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राहुल की लोकसभा सदस्यता बहाल करने का मार्ग प्रशस्त करते हुए 2019 में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में शुक्रवार को उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगा दी।

न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने कहा कि निचली अदालत के न्यायाधीश ने राहुल गांधी को दोषी ठहराते समय कोई कारण नहीं बताया, सिवाय इसके कि उन्हें अवमानना मामले में शीर्ष अदालत ने चेतावनी दी थी।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर राहुल गांधी की सदस्यता जल्द से जल्द बहाल करने का आग्रह किया। उन्होंने सदन में आसन से भी यह अपील की।

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