वडोदरा/नयी दिल्ली, 20 सितंबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की सत्ता में आने पर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने का मंगलवार को वादा किया।
राहुल ने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की गई है तथा गुजरात में भी ऐसा किया जाएगा।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने एक ट्वीट में कहा, "पुरानी पेंशन ख़त्म कर, भाजपा ने बुज़ुर्गों को आत्मनिर्भर से निर्भर बना दिया। पुरानी पेंशन देश को मज़बूत करने वाले सरकारी कर्मचारियों का हक़ है।''
राहुल ने ‘कांग्रेस देगी ओल्ड पेंशन’ हैशटैग के साथ किये गये ट्वीट में कहा, "हमने राजस्थान, छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन बहाल की। अब गुजरात में भी कांग्रेस सरकार आएगी, पुरानी पेंशन लाएगी।"
गुजरात में हजारों सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों ने हाल में प्रदर्शन कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की थी।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो वहां भी सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू की जाएगी।
गुजरात में चुनाव प्रचार कर रहे केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आप शासित राज्य में पुरानी पेंशन लागू करने पर विचार करते हुए एक आदेश जारी किया है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा,"गुजरात में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी सड़कों पर उतरे हैं। उनकी मुख्य मांग पुरानी पेंशन लागू करने की है। मैं उन्हें गारंटी देता हूं कि गुजरात में आप की सरकार बनने पर हम पुरानी पेंशन लागू करेंगे।"
पुरानी पेंशन व्यवस्था एक अप्रैल 2004 को बंद कर दी गई थी और इसकी जगह राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) लाई गई थी।
पुरानी पेंशन व्यवस्था के तहत, सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) से जुड़ी हुई पेंशन मिलती थी। इस योजना में पेंशनभोगी को समय-समय पर डीए बढ़ने के कारण प्रत्येक छह माह बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिला करता था।
हालांकि, डीए से जुड़ी हुई पेंशन को एक अप्रैल 2004 को या इसके बाद नियुक्त हुए सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए बंद कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी खजाने पर पेंशन बिल के बोझ में कमी आई।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले, जनवरी में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुरानी पेंशन लागू करने का वादा किया था।
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी राज्य के औरैया में एक चुनाव सभा में पुरानी पेंशन बहाल करने का वादा किया था।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मुताबिक, करीब 10 लाख सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन का लाभ प्राप्त करने से वंचित हैं।
गहलोत ने फरवरी में राज्य का 2022-23 के लिए बजट पेश करने के दौरान राज्य सरकार के कर्मचारियों के वास्ते पुरानी पेंशन को बहाल करने की घोषणा की थी।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस साल मार्च में अपने बजट भाषण में पुरानी पेंशन बहाल करने की घोषणा की थी।
गुजरात में सरकारी कर्मचारियों को आगामी चुनाव में आप को मदद पहुंचाने के लिए प्रेरित करने के केजरीवाल के कथित प्रयास पर सेवानिवृत्त नौकरशाहों के एक समूह द्वारा सवाल किए जाने पर आप प्रमुख ने कहा कि उन लोगों ने कभी भी गुजरात में कर्मचारियों की सुरक्षा और भ्रष्टाचार के मुद्दों को नहीं उठाया।
केजरीवाल ने वडोदरा में कहा, "मैं उनसे (सेवानिवृत्त नौकरशाहों) से पुरानी पेंशन लागू करने के बारे में एक बार पत्र लिखने के लिए कहना चाहता हूं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY