नयी दिल्ली, 31 मार्च कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने और सेवानिवृत्त कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को ग्रेच्युटी दिलाने में मदद करने का आग्रह किया है।
राहुल ने सरकार से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की स्थिति और सामाजिक सुरक्षा में लगातार सुधार का मार्ग प्रशस्त करने का भी आग्रह किया।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने तीन वर्ष पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को औपचारिक कर्मियों के रूप में मान्यता दी थी तथा उन्हें ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के तहत ग्रेच्युटी का हकदार बनाया था।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने कहा, ‘‘फिर भी भारत सरकार ने इस फैसले को लागू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।’’
अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ हाल ही में हुई बैठक का जिक्र करते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) कार्यक्रम की रीढ़ बताया, जिन्होंने भूख और कुपोषण से लड़ने के साथ-साथ पूर्व-प्राथमिक शिक्षा प्रदान करके महिलाओं और बच्चों की अथक सेवा की है।
उन्होंने कहा कि कोविड संकट के दौरान उन्होंने अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के रूप में व्यक्तिगत जोखिम उठाते हुए अपने कर्तव्यों से ऊपर उठकर काम किया।
गांधी ने 26 मार्च को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘राष्ट्र के विकास के लिए अपनी कड़ी मेहनत के बावजूद, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं दुर्भाग्यवश अपर्याप्त वेतन, कार्य स्थितियों और सामाजिक सुरक्षा की कमी से जूझ रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाया गया सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा ग्रेच्युटी का भुगतान न होना था।
गांधी ने पत्र में कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि आप इस बात से सहमत होंगे कि जो कर्मचारी दशकों तक प्रतिबद्धता के साथ काम करते हैं, उन्हें पर्याप्त सेवानिवृत्ति लाभ मिलना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के समर्पण और योगदान को मान्यता एवं सम्मान मिलना चाहिए तथा उनकी शिकायतों को सुना जाना चाहिए और उनका निवारण किया जाना चाहिए।
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