देश की खबरें | रघुवंश प्रसाद सिंह का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. 74 वर्षीय रघुवंश प्रसाद सिंह जो कोविड-19 संक्रमण के बाद की कुछ दिक्कतों को लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली में भर्ती हुए थे, ने आईसीयू में भर्ती होने के एक सप्ताह से अधिक समय बाद रविवार को अंतिम सांस ली थी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

74 वर्षीय रघुवंश प्रसाद सिंह जो कोविड-19 संक्रमण के बाद की कुछ दिक्कतों को लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली में भर्ती हुए थे, ने आईसीयू में भर्ती होने के एक सप्ताह से अधिक समय बाद रविवार को अंतिम सांस ली थी।

बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और राज्य के मंत्री नीरज कुमार और जय कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर से लगभग 55 किलोमीटर दूर गंगा नदी के किनारे घाट पर हवा में बंदूक की सलामी और गार्ड ऑफ ऑनर और ‘रघुवंश बाबू अमर रहें’ के नारों के बीच उनके छोटे बेटे शशि शेखर ने उन्हें मुखाग्नि दी ।

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रघुवंश का पार्थिव शरीर एक विशाल जुलूस के बीच पटना से सुबह उनके पैतृक जिले में लाया गया था।

रघुवंश के पार्थिव शरीर को कल देर शाम पटना हवाई अड्डे पर लाए जाने पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के छोटे बेटे और उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले तेजस्वी सहित बड़ी संख्या में दिवंगत नेता के प्रशंसक उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे।

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पटना हवाई अड्डे से रघुवंश का पार्थिव शरीर बिहार विधानमंडल परिसर पहुंचने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी और विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री राबडी देवी सहित दोनों सदनों के अन्य सदस्यों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए ।

अपने पैतृक गाँव में लाए जाने से पहले, रघुवंश के पार्थिव शरीर को सोमवार को भगवान बुद्ध के जीवन से जुडे प्रमुख स्थानों में से एक और दुनिया का पहला गणराज्य कहे जाने वाले ‘वैशाली गढ़’ ले जाया गया ।

स्थानीय लोग “बुद्ध स्मृति स्तूप” जो कि 432 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर 72 एकड़ के क्षेत्र में जिले में बनाया जा रहा है, के लिए उन्हें पूरा श्रेय देते हैं ।

उन्होंने संप्रग—एक सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में कार्य किया था और उन्हें मनरेगा का ‘वास्तुकार’ कहा जाता था ।

पूर्व सांसद रामा सिंह को कथित तौर पर राजद में शामिल किए जाने की चर्चा से नाखुश चल रहे रघुवंश ने 23 जून को तब राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था जब वह कारोना वायरस संक्रमण से पीड़ित होने के कारण पटना एम्स में भर्ती थे।

2014 के लोकसभा चुनाव में रामा सिंह ने रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा के उम्मीदवार के तौर पर रघुवंश प्रसाद सिंह को वैशाली लोकसभा सीट पर हराया था ।

कोविड-19 संक्रमण के बाद की कुछ दिक्कतों को लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली में भर्ती रघुवंश प्रसाद सिंह द्वारा गत बृहस्पतिवार को राजद से त्यागपत्र देने से संबंधित पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद को लिखा एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ।

रघुवंश के इस पत्र के आलोक में चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र जिसपर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा , होटवार, रांची के जेल अधीक्षक के हस्ताक्षर एवं मुहर लगी थी, राजद की ओर से जारी किया गया था जिसमें कहा गया था, ''प्रिय रघुवंश बाबू, आपके द्वारा कथित तौर पर लिखी एक चिट्ठी मीडिया में चलाई जा रही है। मुझे तो विश्वास ही नहीं होता। अभी मेरे, मेरे परिवार और मेरे साथ मिलकर सिंचित राजद परिवार आपको शीघ्र स्वस्थ होकर अपने बीच देखना चाहता है। चार दशकों में हमने हर राजनीतिक, सामाजिक और यहां तक कि पारिवारिक मामलों में मिल बैठकर ही विचार किया है। आप जल्द स्वस्थ हो, फिर बैठकर बात करेंगे। आप कहीं नहीं जा रहे हैं। समझ लीजिए।''

रघुवंश के निधन की खबर मिलने पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने ट्वीट कर कहा, ''प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया? मैनें परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे है। लेकिन आप इतनी दूर चले गए। नि:शब्द हूँ। दुःखी हूँ। बहुत याद आएँगे।''

राजद से इस्तीफा देने के बाद रघुवंश प्रसाद सिंह ने 10 सितंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने संसदीय क्षेत्र वैशाली जिसका उन्होंने 2014 तक पांच बार प्रतिनिधित्व किया था और जो दुनिया में पहले गणतंत्र के तौर पर जाना जाता है, में परियोजनाओं को लेकर एक पत्र लिखा था ।

अनवर

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