देश की खबरें | सांप्रदायिक आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे कट्टरपंथी तत्व: अब्दुल्ला

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि कुछ ‘‘कट्टरपंथी तत्व’’ हिजाब विवाद के बीच देश के लोगों को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी इच्छानुसार पहनने का अधिकार है और वह अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन करने के लिए स्वतंत्र है।

श्रीनगर, 13 फरवरी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि कुछ ‘‘कट्टरपंथी तत्व’’ हिजाब विवाद के बीच देश के लोगों को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी इच्छानुसार पहनने का अधिकार है और वह अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन करने के लिए स्वतंत्र है।

उन्होंने परिसीमन आयोग पर भी निशाना साधा और कहा कि यह ‘‘पूरी तरह से गलत’’ है।

अब्दुल्ला ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में संवाददाताओं से कहा, ‘‘देश पर सभी का बराबर अधिकार है। जब तक आप राष्ट्र की अखंडता को खतरे में नहीं डालते, तब तक आपको कुछ भी खाने, कुछ भी पहनने का अधिकार है। हर किसी का अपना धर्म होता है।’’

उन्होंने कहा कि धर्म पर ‘हमले’ कुछ ‘कट्टरपंथी तत्व’ कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ये कट्टरपंथी तत्व देश के लोगों को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि चुनाव जीत सकें। अल्लाह ने चाहा तो यह एक दिन खत्म हो जाएगा।’’

परिसीमन आयोग के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपना जवाब तैयार कर रहे हैं और 14 फरवरी से पहले उन्हें (समिति) को सौंप देंगे। यह आपके सामने भी आएगा और आप देखेंगे कि हमने क्या मुद्दे उठाए हैं।’’

अब्दुल्ला ने भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत की वकालत की। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध बेहतर हो जाएंगे। अगर दोनों देशों के बीच दोस्ती हुई तो दुश्मनी की यह लहर समाप्त हो जाएगी।’’

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