विदेश की खबरें | ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद की दौड़ : प्रमुख नीति प्रस्ताव पर यू-टर्न लेने को मजबूर हुईं ट्रस
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लंदन, दो अगस्त कंजरवेटिव पार्टी के नए नेता और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की दौड़ में भारतीय मूल के पूर्व चांसलर ऋषि सुनक को कड़ी टक्कर दे रहीं विदेश मंत्री लिज ट्रस को मंगलवार को चौतरफा आलोचनाओं के बाद एक प्रमुख नीति प्रस्ताव पर यू-टर्न लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।

दरअसल, ट्रस ने सोमवार रात कहा था कि वह सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह उनके निवास क्षेत्र के हिसाब से तय करने के लिए राष्ट्रीय वेतन आयोग की जगह क्षेत्रीय वेतन आयोग पेश करेंगी, जिससे 88 लाख पाउंड बचाने में मदद मिलेगी।

हालांकि, वेतन के निर्धारण से संबंधित उनके प्रस्ताव की यह कहते हुए चौतरफा आलोचना की जाने लगी कि इससे देश के पिछड़े इलाकों में रहने वाले सरकारी कर्मचारियों को कम तनख्वाह मिलेगी।

‘रेडी4ऋषि’ अभियान टीम की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, टीस वैली के मेयर बेन ह्यूशन ने कहा, “लंदन के बाहर कार्यरत नर्स, पुलिस कर्मी और सशस्त्र बलों सहित 55 लाख लोगों के वेतन में भारी कटौती किए बिना ऐसा कोई रास्ता नहीं है, जिससे यह संभव हो पाएगा।”

ह्यूशन ने कहा, “लिज ट्रस के अभियान से स्पष्ट है कि बचत से जुड़े उनके लक्ष्य को तभी हासिल करना संभव है, जब सार्वजनिक क्षेत्र के सभी कर्मचारियों के लिए यह प्रणाली लागू की जाए। यह टीम ट्रस का लगाया एक टाइम बम है, जो अगले आम चुनाव से पहले फट जाएगा।”

मंगलवार दोपहर तक ट्रस की टीम ने एक अपडेट बयान जारी किया, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ‘सार्वजनिक क्षेत्र में वेतन का मौजूदा स्तर बरकरार रखा जाएगा।’

बयान में कहा गया है, “अग्रिम मोर्चे के हमारे मेहनतकश कर्मचारी समाज का मजबूत आधार हैं और सिविल सेवकों व सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए क्षेत्रीय वेतन बोर्ड से संबंधित किसी भी प्रस्ताव पर अमल नहीं किया जाएगा।”

ट्रस की टीम ने दावा किया कि प्रस्ताव को ‘जानबूझकर गलत तरह से’ पेश किया गया।

हालांकि, वरिष्ठ कंजरवेटिव सांसद मार्क हार्पर ने कहा कि ट्रस की टीम को अपनी ही प्रेस विज्ञप्ति में दिए गए ब्योरे की जानकारी प्रकाशित करने के लिए ‘पत्रकारों को कसूरवार ठहराना बंद कर देना चाहिए।’

वहीं, विपक्षी लेबर पार्टी की चांसलर रेशल रीव्स ने इसे कंजरवेटिव पार्टी के नेतृत्व अभियान की एक और चूक करार दिया, जिससे ब्रिटेन में सार्वजनिक क्षेत्र के श्रमिकों को लेकर ट्रस की सोच उजागर होती है।

जबकि, लिबरल डेमोक्रेट नेता सर एड डेवी ने कहा, “पद संभालने से पांच हफ्ते पहले ही अरबों पाउंड की एक नीति पर ‘यू-टर्न’ लेना संभवत: एक नया रिकॉर्ड है। लिज ट्रस जिस अपरिपक्वता से अपना नेतृत्व अभियान चला रही हैं, हम उन्हें उससे देश चलाने की अनुमति नहीं दे सकते।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)