डेमोक्रेट सदस्यों ने इसे चुनाव से पहले की चाल बताया और कहा कि इसके कारण पहले से धन संकट से जूझ रहे राज्यों पर बोझ और बढ़ेगा।
सदन की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा, ‘‘आप उन कार्यकारी आदेशों को देखें तो मैं इतना ही कह सकती हूं कि उन्हें नहीं पता कि वह क्या बात कर रहे हैं या फिर वहां कुछ गड़बड़ है।’’
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महामारी आर्थिक सहायता के अगले पैकेज को लेकर सांसदों से विचार विमर्श के बाद कोई नतीजा नहीं निकलने पर ट्रंप ने कर तथा खर्च नीति को लेकर आगे बढ़ने के लिए राष्ट्रपति को प्राप्त शक्तिों का इस्तेमाल किया।
बेरोजगारी भत्ते के मामले में राष्ट्रपति ने दर्शाया कि वह चाहते हैं कि बेरोजगार इससे लाभांवित हों। लेकिन उनके आदेश में हर हफ्ते 400 डॉलर तक के भुगतान का जिक्र है जबकि इससे पहले तक 600 डॉलर का प्रावधान था।
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ट्रंप ने कहा कि इसमें 25 फीसदी योगदान राज्यों को देना होगा जबकि कई राज्य धन संकट से पहले से जूझ रहे हैं।
जब संवाददाताओं ने रविवार रात को इस बारे में उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा कि पूरा भुगतान संघीय सरकार से करवाने के लिए राज्य आवेदन दे सकते हैं, हालांकि इस बारे में फैसला राज्यों के आधार पर लिया जाएगा।
एपी
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