पुरुलिया (पश्चिम बंगाल), 25 मार्च एक बार फिर चुनाव आने के साथ ही पश्चिम बंगाल के आर्थिक रूप से पिछड़े जिले पुरुलिया के लोगों की इलाके का विकास और औद्योगीकरण की इच्छा जाग गई ताकि वे गरीबी की बेड़ियों और अनदेखी से मुक्त हो सके।
हालांकि इलाके के विकास को लेकर राजनीतिक दलों के लंबे चौड़े वादे, वादे ही रहे हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रघुनाथपुर में 62 हजार करोड़ के निवेश के साथ औद्योगिक पार्क बनाने की घोषणा की है। वहीं भाजपा का कहना है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सालों से झूठे वादे करती आई है। भाजपा ने जोर दिया कि भगवा पार्टी कभी माओवादी प्रभावित रहे इस जिले के लोगों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित करेगी।
काशीपुर गांव के निवासी संबू माझी का कहना है कि लोगों की बेहतरी जिले के औद्योगिक विकास से ही हो सकती है, यहां कई लोग अपनी मूलभूत जरूरतों को भी पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और वाम दल सहित सभी दल पुरुलिया जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव में विकास के मुद्दे को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
भाजपा वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में पुरुलिया की नौ में से आठ सीटों पर मिली बढ़त को बरकरार रखने की कोशिश कर रही है जबकि तृणमूल कांग्रेस की कोशिश वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव की स्थिति को दोहराने की है।
झारखंड से सटे इस जिले में भाजपा वर्ष 2018 पंचायत चुनाव से ही बढ़त बनाती दिख रही है जिसमें वह सत्तारूढ़ पार्टी से कुछ सीटें छीनने में कामयाब हुई थी।
भाजपा के जिला अध्यक्ष विद्यासागर चक्रवर्ती ने दावा किया कि पुरुलिया में विकास का नहीं होना अहम मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता अपनी संपत्ति बनाने में व्यस्त रहे बजाए लोगों के हित में काम करने के।
चक्रवर्ती ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘यह इलाका छोटा नागपुर पठार का हिस्सा है जिस पर खेती मुश्किल है और उद्योगों की कमी की वजह से अतिरिक्त श्रम बल के पास दूसरे राज्यों में प्रवासी मजदूर बनने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY