चंडीगढ़, 15 जून कोरोना वायरस चुनौती के लंबे समय तक बने रहने की आशंका जताते हुए पंजाब सरकार ने केंद्र से 80,000 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता मांगी है ताकि 'जीवन और आजीविका बचाया जा सके।’’
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे एक ज्ञापन में कोविड-19 महामारी के कारण राज्य में 'बड़े पैमाने पर तबाही और संकट' को रेखांकित किया।
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सिंह ने 80,845 करोड़ रुपये की सहायता की मांग करते हुए कहा कि आने वाले समय में किसी भी बड़े सामाजिक-आर्थिक संकट को रोकने के लिए केंद्र के तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है। उन्होंने अगली पीढ़ियों को भी जीवन तथा आजीविका की सुरक्षा के बारे में आश्वासन दिए जाने की जरूरत पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'प्रशासनिक, संरचनात्मक और यहां तक कि वैधानिक बदलावों’ की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि यह महामारी लंबे समय तक रहने वाली है।
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उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को लगता है कि राज्य अकेले नयी चुनौतियों का सामना नहीं कर सकते, इसलिए सहकारी संघवाद की सही भावना के तहत राज्य को केंद्र सरकार से बड़े पैमाने पर सहायता की जरूरत है।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि राज्य की राजकोषीय वसूली के लिए 26,400 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष राजकोषीय प्रोत्साहन और दीर्घकालिक सीसीएल (नकद ऋण सीमा) ऋण की माफी बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा वित्त वर्ष 2020-21 में सभी केंद्रीय योजनाओं का केंद्र द्वारा 100 प्रतिशत वित्त पोषण किया जाना चाहिए।
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