चंडीगढ़, 10 जून लवप्रीत सिंह के माता-पिता को अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि छह साल पहले ‘स्टडी वीजा’ पर कनाडा गये उनके बेटे के शिक्षण कागजात फर्जी पाए जाने के बाद अब उस पर वापस भारत भेजे जाने का खतरा मंडरा रहा है।
लवप्रीत के परिजन अब यही सवाल कर रहे हैं कि इसमें उनके बेटे की क्या गलती है।
लवप्रीत सिंह भारत के उन 700 छात्रों में शामिल हैं, जिनके ‘प्रवेश प्रस्ताव पत्र’ नकली पाए जाने के बाद कनाडा से निर्वासन का सामना कर रहे हैं। ऐसे अधिकतर छात्र पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। इन 700 छात्रों में से अधिकतर 2017 और 2018 के बीच कनाडा गए थे।
परिवार ने कहा कि लवप्रीत को 13 जून को कनाडा से वापस भेजा जाना है।
यह मामला मार्च में तब सामने आया था, जब इन छात्रों ने पढ़ाई खत्म करने के बाद कनाडा में स्थायी निवास के लिए आवेदन किया और कनाडा की सीमा सुरक्षा एजेंसी (सीबीएसए) ने उनके दस्तावेजों को फर्जी पाया।
निर्वासन की जद में आए छात्रों के पंजाब में रहने वाले परिवारों ने शिक्षा सलाहकारों पर फर्जी प्रवेश पत्रों के जरिये धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया।
पंजाब में रूपनगर जिले के चटमली गांव की रहने वाली लवप्रीत की मां सरबजीत कौर ने कहा, ‘‘मैकेनिकल इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद लवप्रीत 2017 में कनाडा चला गया। वह पढ़ाई में अच्छा है। (इस मामले में) उसकी क्या गलती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि वह वहीं रहे। हमने लवप्रीत को विदेश भेजने में अपनी जीवन भर की जमा पूंजी लगा दी है।’’
सरबजीत कौर ने उस एजेंट के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके जरिये लवप्रीत कनाडा गया था।
फिरोजपुर में रहने वाले अमृतपाल सिंह के माता-पिता भी निर्वासन का सामना कर रहे अपने बेटे के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
अमृतपाल के पिता गुरदेव सिंह ने कहा कि उनका बेटा 2018 में 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद कनाडा चला गया था।
अमृतपाल ने कनाडा के लंदन सिटी में दो साल तक एक कॉलेज में अध्ययन किया और बाद में वहां काम किया।
फिरोजपुर जिले के पीर मोहम्मद गांव के किसान गुरदेव सिंह ने कहा, ‘‘जब उन्होंने स्थायी निवास के लिए आवेदन किया, तो हमें पता चला कि उनका प्रवेश पत्र फर्जी है।’’
गुरदेव सिंह ने कहा कि धोखाधड़ी के बारे में पता चलने पर उन्होंने जालंधर के एजेंट ब्रजेश मिश्रा के खिलाफ कथित तौर पर उनके बेटे और कई अन्य छात्रों को धोखा देने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
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