देश की खबरें | पंजाब निकाय चुनाव : उम्मीदवारों के काम में 'बाधा' डालने पर राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस

नयी दिल्ली, 20 दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को पंजाब के निर्वाचन आयोग को उन याचिकाओं पर नोटिस जारी किया जिनमें आरोप लगाया गया है कि सत्तारूढ़ आप द्वारा आगामी पटियाला नगर निगम चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका जा रहा है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति पी बी वराले की पीठ ने हालांकि आगामी चुनावों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि वह आरोपों की गहन जांच के बाद ही हस्तक्षेप करेगी।

पटियाला नगर निगम के लिए चुनाव 21 दिसंबर को होने हैं, जबकि विपक्षी उम्मीदवारों की अनुपस्थिति के कारण सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के 15 पार्षद पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।

पटियाला नगर निगम के 60 सदस्यीय सदन में 31 के बहुमत के साथ, आप को नगर निकाय पर नियंत्रण सुरक्षित करने के लिए 16 और पार्षदों की आवश्यकता है।

उच्चतम न्यायालय की पीठ ने शुक्रवार को कुछ कांग्रेस उम्मीदवारों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता एथेनम वेलन की दलीलों पर गौर करते हुए यह टिप्पणी की।

पीठ ने कहा कि विपक्षी दलों के कई उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का अवसर नहीं दिया गया।

पीठ ने कहा, ‘‘हम अंतिम निर्णय में हस्तक्षेप करेंगे, एकपक्षीय प्रस्ताव में नहीं। अंततः यदि हम संतुष्ट हो जाते हैं कि कोई शरारत हुई है और उम्मीदवारों को जानबूझकर नामांकन दाखिल करने से रोका गया है, तो हम देखेंगे। हमें इस पर कोई नहीं रोक सकता। ’’

कांग्रेस उम्मीदवारों की ओर से उपस्थित तन्खा ने कथित गड़बड़ियों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि 60 कांग्रेस उम्मीदवारों में से 27 को या तो नामांकन केन्द्रों तक पहुंचने नहीं दिया गया या उनके नामांकन पत्र नष्ट कर दिए गए।

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