जरुरी जानकारी | सरकारी बैंकों को नियामकीय जरूरतें पूरी करने के लिए चौथी तिमाही में सरकार से मिल सकती है पूंजी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार नियामकीय जरूरतों को पूरा करने के लिए चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी डाल सकती है।
नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर सरकार नियामकीय जरूरतों को पूरा करने के लिए चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी डाल सकती है।
सरकार ने 2021-22 के बजट में सरकारी बैंकों में पूंजी डालने के लिए 20,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
चालू वित्त वर्ष की अगली तिमाही में बैंकों की पूंजी की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता के आधार पर नियामकीय जरूरतों को पूरा करने के लिए निवेश किया जाएगा।
सूत्रों ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अब तक सार्वजनिक क्षेत्र के सभी 12 बैंकों ने लाभ कमाया है, जिसे बैंकों के बही खाते को मजबूत करने के लिए वापस व्यवस्था में डाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आगे दबाव वाली संपत्तियां में वृद्धि से पूंजी की जरूरत तय होगी।
पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने पांच सरकारी बैंकों में 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी डाली थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)