देश की खबरें | प. बगाल में संक्रमण से उबर चुके प्रवासी कामगार ‘कोविड-19 योद्धा’ क्लब के सदस्य बनाए गए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पश्चिम बंगाल लौटने वाले ऐसे प्रवासी कामगार जो कोविड-19 से संक्रमित हुए और उससे उबर गए, उन्हें राज्य सरकार ने ‘‘कोविड-19 योद्धा’’ क्लब का सदस्य बनाया है, जो महानगर के विभिन्न अस्पतालों में महामारी का इलाज करा रहे लोगों की काउंसलिंग करेंगे।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 18 अगस्त पश्चिम बंगाल लौटने वाले ऐसे प्रवासी कामगार जो कोविड-19 से संक्रमित हुए और उससे उबर गए, उन्हें राज्य सरकार ने ‘‘कोविड-19 योद्धा’’ क्लब का सदस्य बनाया है, जो महानगर के विभिन्न अस्पतालों में महामारी का इलाज करा रहे लोगों की काउंसलिंग करेंगे।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार ने 49 प्रवासी कामगारों को ‘कोविड-19 योद्धा क्लब’ का सदस्य बनाया है ताकि वे कोराना वायरस के रोगियों की मदद कर सकें।

यह भी पढ़े | 103-Year-Old Man Recovers From COVID-19 In Kerala: केरल में 103 साल के बुजुर्ग ने दी कोरोना मात, स्वास्थ्य मंत्री शैलजा ने ट्वीट कर कही ये बात.

उन्होंने कहा कि ये मजदूर वीरभूम, कूचबिहार, पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर और मुर्शिदाबाद के हैं और उन्हें 15 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इन कोविड-19 योद्धाओं का मुख्य काम अस्पतालों में कोरोना वायरस वार्ड में रोगियों के साथ अपने ठीक होने की कहानी साझा कर उनका उत्साहवर्द्धन करना है। ये व्यक्ति उपचार करा रहे लोगों के रिश्तेदारों को उनकी हालत से भी अवगत कराएंगे।’’

यह भी पढ़े | Naval Commanders Conference: एलएसी पर चीन से जारी तनानती के बीच नौसेना की 3 दिवसीय कमांडर्स कॉन्फ्रेंस दिल्ली में कल से, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सम्मेलन को करेंगे संबोधित.

अधिकारी ने बताया कि प्रवासी कामगारों को काम में लगाने से पहले सात दिनों तक प्रशिक्षित किया गया कि रोगियों की सहायता करते समय किस तरह से सुरक्षा उपाय करने हैं।

अधिकारी ने बताया, ‘‘वे मुख्य रूप से काउंसलिंग के माध्यम से गैर चिकित्सकीय सेवाएं दे रहे हैं। वे रोगियों, उनके रिश्तेदारों और अन्य लोगों को महामारी के बारे में जागरूक करने में भी भूमिका निभाएंगे।’’

उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया है कि किस तरह से ऑक्सीजन सिलेंडर बदलना है, रक्तचाप, शरीर के तापमान की जांच करनी है और रोगियों के उपचार के लिए कुछ अन्य मूल चीजों का प्रशिक्षण दिया गया है।

उनमें से सभी को साल्ट लेक स्टेडियम के यूथ हॉस्टल में ठहराया गया है।

अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की योजना के मुताबिक हरेक जिले में इस तरह के क्लब बनाए जा रहे हैं।

महानगर के विभिन्न अस्पतालों में कोरोना वायरस रोगियों की देखभाल के लिए श्रमशक्ति को बढ़ाने के अलावा कोविड-19 क्लब के योद्धा वायरस का इलाज करा रहे रोगियों का तनाव दूर करेंगे।

नीरज

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\