बेंगलुरु, सात जुलाई कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को पेश वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में चुनावी 'गारंटी' पूरा करने के लिए सालाना 52,000 करोड़ रुपये का प्रावधान करते हुए कहा कि इससे 1.3 करोड़ परिवारों के लाभांवित होने की उम्मीद है।
वित्त मंत्रालय का भी प्रभार रखने वाले सिद्धरमैया ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 3.27 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में 52,000 करोड़ रुपये व्यय का प्रावधान विधानसभा चुनावों के दौरान दी गईं पांच 'गारंटी' को पूरा करने के लिए किया गया है।
उन्होंने कहा कि चुनावी वादों को लागू करने से राज्य सरकार हरेक परिवार को हर महीने 4,000 से लेकर 5,000 रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय मदद पहुंचा पाएगी। सिद्धरमैया ने विधानसभा में रिकॉर्ड 14वीं बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री रामकृष्ण हेगड़े ने 13 बार बजट पेश किया था।
उन्होंने अपने भाषण में पूर्ववर्ती भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को कर्नाटक की बिगड़ी अर्थव्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वह वित्त आयोग की अनुशंसाओं से राज्य को होने वाला वित्तीय नुकसान रोकने में नाकाम रही। उन्होंने कहा कि वित्त आयोग की इन सिफारिशों से कर्नाटक को बीते तीन साल में 26,140 करोड़ रुपये का राजस्व गंवाना पड़ा है।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आम आदमी जरूरी वस्तुओं एवं ईंधन के दाम में हुई तीव्र वृद्धि से बहुत परेशान है और उसे ही राहत देने के लिए ये पांच गारंटी दी गई थीं।
कांग्रेस ने मई में संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान पांच गारंटी देने की घोषणा की थी। इनमें महिलाओं को बस में मुफ्त सफर, 200 यूनिट तक की मुफ्त बिजली, गरीबों को 10 किलोग्राम मुफ्त अनाज, परिवार की महिला मुखिया को 2,000 रुपये देने और बेरोजगारी भत्ता के तौर पर 3,000 रुपये देने की घोषणाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही बजट में ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए घर-घर तक सामान पहुंचाने वाले अंशकालिक कर्मचारियों को चार लाख रुपये की बीमा सुविधा देने की भी घोषणा की गई। इस राशि में दो लाख रुपये का जीवन बीमा और दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा शामिल है।
सिद्धरमैया ने कहा कि इस बीमा के प्रीमियम का सारा बोझ राज्य सरकार उठाएगी। उन्होंने कहा कि पंजीकृत लाभार्थियों और उनके आश्रितों को 'कर्नाटक भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड' के माध्यम से सब्सिडी और लाभ दिए जाएंगे।
बजट में शराब एवं बीयर पर आबकारी शुल्क बढ़ाने की घोषणा भी की गई है। भारत में बनी विदेशी शराब पर लगने वाले शुल्क में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जा रही है। यह शुल्क वृद्धि सभी 18 स्लैब पर लागू होगी।
सिद्धरमैया ने बीयर पर लगने वाले शुल्क को भी 175 प्रतिशत से बढ़ाकर 185 प्रतिशत करने की घोषणा अपने बजट भाषण में की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बजट उपायों से चालू वित्त वर्ष में आबकारी विभाग का राजस्व संग्रह 36,000 करोड़ रुपये रहने का लक्ष्य तय किया गया है।
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