विदेश की खबरें | कुरान जलाने की साजिश से नाराज प्रदर्शनकारियों ने इराक में स्वीडिश दूतावास पर हमला किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में शरण मांगने वाले एक इराकी व्यक्ति ने इजराइली दूतावास के बाहर कुरान और यहूदी पवित्र पुस्तक टोरा की एक प्रति जलाने की साजिश रची थी। हालांकि, व्यापक आक्रोश के बीच उस व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी योजना त्याग दी थी। इस घटना के बाद इराक में आक्रोश भड़क उठा।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में शरण मांगने वाले एक इराकी व्यक्ति ने इजराइली दूतावास के बाहर कुरान और यहूदी पवित्र पुस्तक टोरा की एक प्रति जलाने की साजिश रची थी। हालांकि, व्यापक आक्रोश के बीच उस व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी योजना त्याग दी थी। इस घटना के बाद इराक में आक्रोश भड़क उठा।

प्रदर्शन से संबंधित ऑनलाइन वीडियो में प्रदर्शनकारी दूतावास पर प्रभावशाली इराकी शिया मौलवी और राजनेता मुक्तदा अल-सद्र की तस्वीरों वाले झंडे और निशान लहराते हुए दिख रहे हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि उस समय परिसर के अंदर कोई कर्मचारी था या नहीं।

घटना के बाद स्वीडन के दूतावास ने घोषणा की कि दूतावास आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया है। दूतावास ने यह नहीं बताया कि इसे कब खोला जाएगा।

इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सूडानी ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की और इसके बाद जारी एक बयान में कहा कि इराकी अधिकारी आगजनी के लिए जिम्मेदार एवं जांच में ‘‘लापरवाह सुरक्षा अधिकारियों’’ के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

हालांकि बयान में यह भी कहा गया कि इराकी सरकार ने स्वीडन के अपने समकक्ष को बुधवार को सूचित किया कि अगर कुरान जलाने की घटना को अंजाम दिया गया तो इराक, स्वीडन के साथ अपने राजनयिक संबंध खत्म कर लेगा।

वीडियो में दर्जनों लोग परिसर में बाड़ पर चढ़ते हुए दिख रहे हैं और उनकी आवाजें सुनाई दे रही हैं तथा वे सामने के दरवाजे को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। एक अन्य वीडियो में प्रदर्शनकारी हल्की आगजनी करते नजर आ रहे हैं।

दूसरे फुटेज में कुछ लोग गर्मी में बिना कमीज पहने बैठे नजर आ रहे हैं और अलार्म की आवाज सुनाई देती है। ऐसा लगता है कि ये लोग दूतावास में एक कमरे में बैठे हैं।

बाद में अन्य लोगों ने दूतावास के बाहर सुबह की नमाज भी पढ़ी।

सुबह होते ही पुलिस एवं अन्य सुरक्षा अधिकारी दूतावास पहुंचे, जहां हल्का धुंआ उठ रहा था। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास किया। कुछ प्रदर्शनकारी अल-सद्र की तस्वीरों वाली तख्तियां हाथों में लिए अब भी मौके पर मौजूद हैं।

स्वीडन के विदेश मंत्रालय ने बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए एक बयान में कहा, ‘‘दूतावास के हमारे कर्मचारी सुरक्षित हैं।’’

मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कर्मियों पर तमाम हमलों की निंदा करते हैं।’’

बगदाद में स्वीडिश दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर बृहस्पतिवार को पोस्ट किए गए बयान में कहा, ‘‘दूतावासों एवं राजनयिकों पर हमला विएना संधि का गंभीर उल्लंघन है। इराकी अधिकारियों को राजनयिक मिशनों और राजनयिक कर्मियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।’’

बगदाद में फिनलैंड का दूतावास स्वीडन के दूतावास के पास है। इराक में फिनलैंड के राजदूत मत्ती लसीला ने फिनलैंड के लोक प्रसारक ‘वाईएलई’ को कहा कि स्वीडन और फिनलैंड के दूतावासों के कर्मचारियों को बुधवार को तत्परता से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनमें कोई घायल नहीं हुआ है।

इराक के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर हमले की निंदा की है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘इराक की सरकार ने सक्षम सुरक्षा अधिकारियों को तत्काल जांच करने और घटना की परिस्थितियों को उजागर करने तथा इस कृत्य के अपराधियों की पहचान कर उन्हें कानून के अनुसार, जवाबदेह ठहराने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय करने का निर्देश दिया है।’’

इराकी पुलिस और सरकारी मीडिया ने तुरंत हमले की बात स्वीकार नहीं की।

स्टॉकहोम पुलिस के प्रवक्ता मैट्स एरिक्सन ने पुष्टि की कि पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति दी थी जिसमें दो लोग बृहस्पतिवार को स्टॉकहोम में इराकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन करने वाले थे।

पुलिस ने कहा कि वे यह नहीं बता सकते कि इन लोगों की कुरान को जलाने की योजना थी या नहीं।

स्टॉकहोम में सार्वजनिक प्रदर्शन करने का अधिकार है और इसे संविधान का संरक्षण प्राप्त है।

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