इंदौर, पांच जुलाई मध्यप्रदेश के सीधी जिले में एक व्यक्ति के एक आदिवासी युवक के ऊपर पेशाब करने की घटना को लेकर दलितों और आदिवासियों ने बुधवार को इंदौर के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। एक अन्य प्रदर्शन के दौरान युवक कांग्रेस ने आरोपी के पुतले को फांसी पर लटका कर विरोध जताया ।
प्रदर्शनकारियों ने सूबे में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों पर लगातार अत्याचार बढ़ने का आरोप लगाया और तख्तियां लहराते हुए नारेबाजी की। इस प्रदर्शन का आह्वान अखिल भारतीय बलाई महासंघ ने किया था।
महासंघ के अध्यक्ष मनोज परमार ने संवाददाताओं से कहा,‘‘सीधी जिले में आदिवासी युवक के ऊपर पेशाब करके प्रवेश शुक्ला ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। शुक्ला को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। हो सके तो उसे फांसी की सजा दी जानी चाहिए।"
उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को आज भी जातिगत भेदभाव के कारण अत्याचार झेलने पड़ रहे हैं।
परमार ने कहा, ‘‘हम सीरिया, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के नागरिकों से नहीं, बल्कि अपने ही देश भारत के उन लोगों की विकृत मानसिकता और अत्याचारों से दु:खी हैं जो तथाकथित ऊंची जाति में जन्म लेने के कारण खुद को सर्वश्रेष्ठ मानते हैं।’’
उन्होंने कहा कि ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि हिंदू समुदाय में समरसता का भाव बना रहे।
सीधी की घटना को लेकर शहर में एक अन्य विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोपी शुक्ला के पुतले को सरेआम फांसी पर लटका दिया। यह प्रदर्शन स्वतंत्रता संग्राम के शहीद सेनानी और आदिवासी समुदाय में भगवान की तरह पूजे जाने वाले टंट्या भील की प्रतिमा के सामने किया गया।
युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष रमीज खान ने शुक्ला के सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शुक्ला का घिनौना कृत्य बताता है कि भाजपा के दिल में आदिवासी समुदाय के प्रति कैसी भावनाएं और कितना सम्मान है।
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