चेन्नई, 25 सितंबर तमिलनाडु कावेरी किसान संघ ने सोमवार को राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह तमिलनाडु को कावेरी नदी का जल छोड़े जाने के खिलाफ कर्नाटक में मंगलवार को होने वाले विरोध-प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए केंद्र के माध्यम से उचित कदम उठाए।
संगठन के महासचिव पी.आर. पांडियन ने पानी नहीं छोड़ने के लिए पड़ोसी राज्य की निंदा करते हुए आज यहां अचानक कुछ समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय ध्वज थामे पांडियन ने कहा कि कर्नाटक सरकार का रुख और तमिलनाडु को कावेरी जल छोड़ने के खिलाफ कल (मंगलवार को) प्रस्तावित बंद ‘‘निंदनीय’’ है।
तमिलनाडु को 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ने के कांग्रेस सरकार के फैसले के विरोध में कर्नाटक में किसानों ने 26 सितंबर को बंद बुलाया है।
उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक सरकार को तमिलनाडु को 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ने के कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के फैसले का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद कर्नाटक ने पानी छोड़ने का निर्णय लिया।
इससे पहले, पत्रकारों से बात करते हुए पांडियन ने कहा कि डेल्टा क्षेत्र के किसान परेशान हैं, क्योंकि 15 लाख एकड़ में धान की खेती नहीं की जा सकी है। उन्होंने कहा कि पांच लाख एकड़ में से 3.50 लाख एकड़ में लगी फसल सूखने लगी है।
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