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Samruddhi Expressway Car Accident: मुंबई-नागपूर समृद्धी एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, नींद की झपकी से बेकाबू हुई कार, मां-बेटे की दर्दनाक मौत

मुंबई-नागपूर समृद्धि एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में ठाणे की एक महिला और उनके मासूम बेटे की मौत हो गई. प्रारंभिक जांच के अनुसार, चालक को नींद की झपकी आने के कारण कार बेकाबू होकर एक कंटेनर से जा टकराई.

Samruddhi Expressway Car Accident: मुंबई-नागपूर समृद्धी एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, नींद की झपकी से बेकाबू हुई कार, मां-बेटे की दर्दनाक मौत
(Photo credits File)

Samruddhi Expressway Car Accident: मुंबई-नागपूर समृद्धी एक्सप्रेसवे पर रविवार (1 फरवरी, 2026) की सुबह एक हृदयविदारक दुर्घटना में ठाणे के एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान चली गई. जानकारी के अनुसार, नागपूर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार के चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिसके बाद वाहन अनियंत्रित होकर सामने चल रहे एक भारी कंटेनर से जा टकराया. इस भीषण टक्कर में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके छोटे बेटे ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया.

नागपूर कॉरिडोर पर हुआ हादसा

यह दुर्घटना एक्सप्रेसवे के नागपूर कॉरिडोर पर जंक्शन 39/900 के पास हुई. ठाणे से नागपूर जा रहा यह परिवार तड़के के समय सफर कर रहा था. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया. हादसे के तुरंत बाद हाईवे पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे. दुर्घटना के कारण एक्सप्रेसवे पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा, जिसे क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन हटाकर बहाल किया गया. यह भी पढ़े:  Maharashtra Bus Accident Video: महाराष्ट्र के बुलढाणा में भीषण सड़क हादसा, बस में आग लगने से 26 लोगों की मौत, कई जख्मी

बीता घटनाक्रम

समृद्धि एक्सप्रेसवे पर पिछले कुछ महीनों में दुर्घटनाओं की संख्या में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है:

  • 7 दिसंबर, 2025: शेलवाली गांव के पास ओवरस्पीडिंग के कारण एक कंटेनर ने सब्जी ले जा रहे वाहन को पीछे से टक्कर मार दी थी.

  • 24 दिसंबर, 2025: मुंबई-पडघा खंड पर एक सुरंग के अंदर तेज रफ्तार भारी वाहन पलट गया था, जिससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था.

  • 2 जनवरी, 2026: छत्रपति संभाजीनगर जिले के सिल्लग़ांव थाना क्षेत्र के पास एक निजी बस और ट्रक की टक्कर हुई थी, जिसमें चालक की देरी से प्रतिक्रिया (Reaction time) को मुख्य कारण माना गया था.

सुरक्षा और 'हाइवे हिप्नोसिस' की चिंता

लगातार हो रहे इन हादसों ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों और विशेष रूप से 'हाइवे हिप्नोसिस' (Highway Hypnosis) जैसे मुद्दों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लंबी और सीधी सड़कों पर गाड़ी चलाते समय थकान और एकरसता (monotony) के कारण ड्राइवरों को नींद आना एक बड़ी चुनौती बन गया है.

विशेषज्ञों का कहना है कि रात और तड़के के समय गश्त बढ़ाने, जगह-जगह विश्राम गृह (Rest areas) बनाने और गति सीमा को सख्ती से लागू करने की तत्काल आवश्यकता है. पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे थकान महसूस होने पर गाड़ी न चलाएं और नियमित अंतराल पर ब्रेक लें.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 01, 2026 03:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).