Ride Free Chahiye, S*x Kroge?’:  चंडीगढ़ में कैब ड्राइवर की शर्मनाक हरकत, महिला को अश्लील मैसेज भेज फ्री राइड के बदले शारीरिक संबंध का रखा प्रस्ताव
Representative Image of Cab (Photo Credits: Pixabay)

Ride Free Chahiye, S*x Kroge?’: चंडीगढ़ शहर में महिला सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाते हुए एक कैब ड्राइवर द्वारा उत्पीड़न का मामला सामने आया है. सेक्टर 26 की रहने वाली एक युवती ने आरोप लगाया है कि इनड्राइव (inDrive) ऐप के एक ड्राइवर ने उसे न केवल अश्लील मैसेज भेजे, बल्कि 'फ्री राइड' के बदले अनुचित मांग भी की. पीड़िता का यह भी आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया, तो ड्राइवर ने उसे जान से मारने की धमकी दी. इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि कथित तौर पर गंभीर आरोपों के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई और थाने में समझौता करा दिया गया.

आधी रात को शुरू हुआ उत्पीड़न का सिलसिला

घटना 27 जनवरी की रात की है. पीड़िता सेक्टर 26 स्थित अपने कार्यस्थल से घर लौटने के लिए सिंधी स्वीट्स के पास कैब का इंतजार कर रही थी. रात करीब 12 बजे उसने इनड्राइव ऐप के जरिए कैब बुक की. बुकिंग 'राम' नामक ड्राइवर ने स्वीकार की, जो स्विफ्ट डिजायर कार चला रहा था. बुकिंग के तुरंत बाद ड्राइवर ने महिला को मैसेज कर पूछा कि क्या वह अकेली है. यह भी पढ़े:  Anandpur Dham Sex Video: सवालों के घेरे में एमपी का आनंदपुर धाम आश्रम, सेक्स वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल, बचाव में ट्रस्ट ने दी ये सफाई

'फ्री राइड चाहिए तो...': ड्राइवर के अश्लील प्रस्ताव

पीड़िता के अनुसार, ड्राइवर के मैसेज जल्द ही बेहद आपत्तिजनक और अश्लील हो गए. उसने महिला से उसके व्यक्तिगत जीवन के बारे में पूछा और फिर एक शर्मनाक प्रस्ताव देते हुए लिखा, "राइड फ्री चाहिए, सेक्स करोगे?" इतना ही नहीं, ड्राइवर ने आगे लिखा कि वह इसके लिए महिला को पैसे देने के लिए भी तैयार है.

जब महिला ने व्हाट्सएप पर इसका कड़ा विरोध किया और पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो ड्राइवर ने माफी मांगने के बजाय उसे धमकाना शुरू कर दिया. उसने महिला को डराते हुए कहा कि वह पुलिस स्टेशन तक पहुंच सकता है और उससे कहीं भी मिल सकता है.

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

महिला ने बताया कि 28 जनवरी को उसने सेक्टर 26 थाने में स्क्रीनशॉट और ड्राइवर के विवरण के साथ लिखित शिकायत दी थी. तीन दिनों तक कार्रवाई का इंतजार करने के बाद उसे थाने बुलाया गया. पीड़िता का आरोप है कि वहां उसे काफी देर बाहर बिठाया गया. बाद में चंडीगढ़ ट्राइसिटी ड्राइवर यूनियन के सदस्यों के हस्तक्षेप के बाद उसे अंदर बुलाया गया.

हैरानी की बात यह है कि आरोपी ड्राइवर ने पुलिस के सामने अपनी गलती स्वीकार की और माफी मांगी, लेकिन पुलिस ने कानूनी कार्रवाई (FIR) करने के बजाय दोनों पक्षों के बीच 'समझौता' करवाकर मामला रफा-दफा कर दिया.

ड्राइवर यूनियन ने की सख्त कार्रवाई की मांग

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्राइसिटी ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष अमनदीप सिंह ने कहा कि ऐसे मामलों में कोई समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा, "महिला ने शिकायत दर्ज कराने का साहस दिखाया है और उसे समर्थन मिलना चाहिए था. आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत है ताकि अन्य ड्राइवरों को कड़ा संदेश मिले."

यह घटना एक बार फिर कैब एग्रीगेटर कंपनियों की जवाबदेही और महिलाओं के प्रति पुलिस के संवेदनशील रवैये पर बड़े सवाल खड़े करती है.