देश की खबरें | मूंग, उड़द के लिए भंडार की समुचित व्यवस्था की जाएगी : निगम
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जयपुर, 29 सितम्बर राजस्थान राज्य भंडार व्यवस्था निगम समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन व मूंगफली की खरीद के लिए भंडारण की पूरी व्यवस्था करेगा।

निगम के अध्यक्ष पवन कुमार गोयल ने मंगलवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में यह जानकारी दी।

यह भी पढ़े | Farm Bills 2020: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा-बिहार किसानों के लिए बाजार खोलने वाला देश का पहला राज्य.

उन्होंने बताया कि इस समय निगम के पास 1.50 लाख टन तथा केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्लयूसी) के पास 95 हजार टन भंडारण क्षमता उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि नैफेड गोदामों में रखी उपज को शीघ्र स्थानांतरित किया जाए ताकि 12 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता का उपयोग हो सके।

यह भी पढ़े | Madhya Pradesh: शिवराज सिंह चौहान बोले-मप्र में ज्यादा बारिश से साढ़े 9 हजार करोड़ का नुकसान.

वह यहां खरीफ-2020 में दलहन व तिलहन की खरीद व्यवस्था के संबंध में आयोजित राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक में भाग ले रहे थे।

वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए हुई इस बैठक में प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता कुंजीलाल मीणा ने बताया कि राज्य में नवम्बर माह में मूंग, उड़द सोयाबीन व मूंगफली की खरीद के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजे जा रहे है।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार से अनुमति मिलने पर खरीद शुरू की जाएगी।

मीणा ने बताया कि पीएसएस दिशानिर्देश के अनुसार मूंग, उड़द सोयाबीन एवं मूंगफली की उत्पादन की अधिकतम 25 प्रतिशत मात्रा खरीदी जाती है। इस हिसाब से भारत सरकार को 12.22 लाख टन उपज खरीद के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।

उन्होंने बताया कि खरीद के लिए 1,935 करोड़ रूपये की कार्यशील पूंजी व कोष की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि खरीद के लिए स्थापित होने वाले केन्द्र को विशेष निर्देश दिए जाएंगे कि एफएक्यू मानक के अनुसार ही जिंसों की खरीद की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि एफएक्यू मानक के अनुसार खरीद नहीं करने पर संबंधित समितियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी एवं खरीद से भी बाहर किया जाएगा।

राजफेड की प्रबंध निदेशक सुषमा अरोड़ा ने बताया कि दो दिन के भीतर सभी खरीद केन्द्र स्थापित कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर समय पर गिरदावरी (रिपोर्ट) जारी करने के निर्देश पटवारियों को दें ताकि पंजीयन के समय किसानों को परेशानी नहीं हो।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)