देश की खबरें | कतर के खिलाफ जीत का वादा करना आत्मघाती होगा: स्टिमक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विश्व कप क्वालीफायर में कतर के खिलाफ ड्रॉ भारतीय फुटबॉल टीम का पिछले एक साल में सर्वश्रेष्ठ नतीजों में से एक है लेकिन कोच इगोर स्टिमक दूसरे चरण के मैच में जीत का वादा करके अपने खिलाड़ियों पर दबाव नहीं बनाना चाहते।
नयी दिल्ली, दो जुलाई विश्व कप क्वालीफायर में कतर के खिलाफ ड्रॉ भारतीय फुटबॉल टीम का पिछले एक साल में सर्वश्रेष्ठ नतीजों में से एक है लेकिन कोच इगोर स्टिमक दूसरे चरण के मैच में जीत का वादा करके अपने खिलाड़ियों पर दबाव नहीं बनाना चाहते।
भारत आठ अक्टूबर को भुवनेश्वर में कतर के खिलाफ खेलेगा जबकि 12 नवंबर को बांग्लादेश से उसी की सरजमीं पर भिड़ेगा। टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ कोलकाता में 17 नवंबर को खेलना है।
भारत विश्व कप 2022 की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुका है लेकिन अब भी 2023 एशिया कप में जगह बनाने की दौड़ में बना हुआ है क्योंकि यह संयुक्त क्वालीफिकेशन अभियान है।
स्टिमक ने कहा कि कतर के खिलाफ जीत का वादा करना आत्मघाती होगा लेकिन उनकी टीम चाहेगी कि मैच नहीं हारे।
स्टिमक ने क्रोएशिया में अपने घर से पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘हम करते हैं उसमें अगर मजबूत आत्मविश्वास और स्पष्ट मानसिकता रखते हैं तो कुछ भी संभव है। निश्चित तौर पर हम पिच पर मैच हारने के लिए नहीं उतरेंगे लेकिन एशियाई चैंपियन और कतर जैसी शानदार टीम के खिलाफ जीत का वादा करना आत्मघाती होगा। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम नई सम्मानित टीम तैयार करने की प्रक्रिया में हैं और मैं प्रयास करूंगा कि युवा खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डालने से बचा जाए जिससे कि वे फुटबॉल का लुत्फ उठा पाएं और भविष्य के लिए अनुभव हासिल कर सकें।’’
अगले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैचों और प्रतिस्पर्धी मैचों के आयोजन की संभावना नहीं है और ऐसे में स्टिमक ने कहा कि उनकी टीम के सामने कतर के खिलाफ मुकाबले से पहले बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा लंबा ब्रेक हमारे लिए चिंता की बात नहीं है। कोविड-19 महामारी से जुड़े मौजूदा हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैचों के आयोजन की संभावना नहीं है और लीग भी शुरू नहीं होंगी। इसलिए विश्व कप क्वालीफायर से पहले हमारे पारी बड़ी चुनौती है।’’
महामारी के कारण घरेलू सत्र दो महीने के लिए टाल दिया गया है और ट्रांस्फर सत्र अब एक अगस्त से 31 अक्टूबर तक होगा। इंडियन सुपर लीग और आईलीग इसके बाद ही शुरू होंगी।
अभी कुछ स्पष्ट नहीं है और एशियाई फुटबॉल परिसंघ भी अभी यह कहने की स्थिति में नहीं है कि आगामी मैच दर्शकों की मौजूदगी में होंगे या गैरमौजूदगी में। लेकिन स्टिमक ने कहा कि कतर और अफगानिस्तान के खिलाफ खाली स्टेडियम में खेलना मेजबान भारत के लिए नुकसान की स्थिति होगी।
स्टिमक ने साथ ही कहा कि सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार ही मैचों से पहले राष्ट्रीय शिविर का आयोजन किया जाएगा।
कोच ने साथ ही कहा कि वह मौजूदा महामारी के दौरान लगातार राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के संपर्क में हैं और उन्हें सुरक्षित रहने और रोजाना ट्रेनिंग करने का निर्देश दे रहे हैं।
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