जरुरी जानकारी | सूक्ष्म वित्त संस्थानों की लाभप्रदता तीन प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीदः रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. छोटी राशि के कर्ज देने वाले सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) की चालू वित्त वर्ष में लाभप्रदता में 2.7 प्रतिशत से लेकर तीन प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना है। एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है।

मुंबई, 28 मुंबई छोटी राशि के कर्ज देने वाले सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) की चालू वित्त वर्ष में लाभप्रदता में 2.7 प्रतिशत से लेकर तीन प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना है। एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है।

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने सोमवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि संग्रह और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार होने के साथ कर्ज पर आने वाली लागत कम होने और नए ऋणों के ऊंचे मूल्य से एमएफआई की लाभ कमाने की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के मुताबिक, महामारी के झटके से अब सूक्ष्म वित्त संस्थान उबर चुके हैं और उन्होंने बाजार हिस्सेदारी के मामले में बैंकों को भी पीछे छोड़ दिया है। वित्त वर्ष 2022-23 में एमएफआई की छोटे कर्जों के बाजार में हिस्सेदारी साल भर पहले के 34 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई है।

इक्रा रेटिंग्स की रिपोर्ट कहती है कि चालू वित्त वर्ष (2023-24) में एमएफआई की कर्ज बिक्री में 24-26 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है और यह वित्त वर्ष 2024-25 में 23-25 प्रतिशत रह सकती है।

चालू वित्त वर्ष में सूक्ष्म वित्त संस्थानों की लाभप्रदता 2.7-तीन प्रतिशत तक बढ़ सकती है जबकि अगले साल इसमें 3.2-3.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।

पिछले वित्त वर्ष में इनकी लाभप्रदता 2.1 प्रतिशत रही थी।

प्रेम

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