इटानगर, 15 सितंबर अरुणाचल प्रदेश आधार को जन्म पंजीकरण से जोड़ने की प्रक्रिया की शुरुआत करने वाला पूर्वोत्तर का दूसरा राज्य बन गया है। नगालैंड में यह प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रक्रिया से पांच साल की उम्र तक के बच्चों के लिए जन्म पंजीकरण आधारित आधार नामांकन में मदद मिलेगी।
यूआईडीएआई निदेशक अभिषेक कौशिक की मौजूदगी में महिला एवं बाल विकास सचिव मिमुम तायेंग ने बृहस्पतिवार को इस पहल की शुरुआत की।
तायेंग ने कहा कि यह प्रक्रिया नवजात शिशुओं के नामांकन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और 'पोषण ट्रैकर' पर लाभार्थियों के विवरण को उचित तरीके से रिकॉर्ड करने में मदद करेगी। 'पोषण ट्रैकर' आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रयोग किया जाने वाला मोबाइल ऐप है।
उन्होंने अधिकारियों को इस पहल का सफल कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि कोई भी बच्चा किसी भी सामाजिक कल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
कौशिक ने बताया कि सफल नामांकन पर बच्चे को नीले रंग का 'बाल आधार' कार्ड मुहैया कराया जाएगा, जो आकार प्रकार में अन्य आधार कार्ड से बिल्कुल अलग होगा।
राज्य में जन्म एवं मृत्यु के लिए रजिस्ट्रार, आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय आधार संबंधित गतिविधियों का नोडल विभाग है।
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