नयी दिल्ली, 29 मई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को बिहार के औरंगाबाद जिले में 29,948 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाली 2,400 मेगावाट की एनटीपीसी नबीनगर सुपर ताप बिजली परियोजना के दूसरे चरण का शिलान्यास करेंगे। आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई।
दूसरे चरण के तहत 800-800 मेगावाट क्षमता की तीन इकाइयां लगायी जाएंगी। यह परियोजना अत्याधुनिक ‘अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल’ प्रौद्योगिकी पर आधारित है, जो कि बिजली उत्पादन में सर्वाधिक दक्षता प्रदान करती है।
प्रस्तावित विस्तार के साथ इस परियोजना की कुल क्षमता 4,380 मेगावाट हो जाएगी। परियोजना की वर्तमान क्षमता 1,980 मेगावाट (660 मेगावाट की तीन इकाइयां) है।
एनटीपीसी ने बयान में कहा कि इस परियोजना से बिहार के साथ-साथ राजस्थान, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पंजाब जैसे राज्यों को भी किफायती और भरोसेमंद बिजली की आपूर्ति होगी।
जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रतिबद्धता के तहत नबीनगर परियोजना के चरण दो के संयंत्रों में ‘ड्राई बॉटम ऐश हैंडलिंग’ प्रणाली और ‘एयर कूल्ड कन्डेनसर’ स्थापित किया जाएगा। इससे बिजली उत्पादन के लिए उपयोग में आने वाले शुद्ध जल की खपत में काफी कमी आएगी।
बयान के अनुसार, इससे स्थानीय समुदायों, व्यवसायों और उद्योगों में बढ़ती ऊर्जा की जरूरतें पूरी हो सकेंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास में मदद मिलेगी।
साथ ही, इस परियोजना से देश को ऊर्जा सुरक्षा और किफायती ऊर्जा के दोहरे उद्देश्य को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
एनटीपीसी देश की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली उत्पादन कंपनी है। यह देश में विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति में एक-चौथाई का योगदान देती है।
इसकी मौजूदा स्थापित क्षमता 80 गीगावाट से अधिक है तथा 32 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है। कंपनी 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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