नयी दिल्ली, छह फरवरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था की खराब स्थिति के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर हमला करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इस विफलता की वजह से दुनिया ने 'हिंदू विकास दर' शब्द गढ़ा और 'शाही परिवार' की गलत नीतियों के कारण पूरे हिन्दू समाज को दोषी ठहराया गया और दुनिया भर में बदनाम किया गया।
'लाइसेंस परमिट राज' के लिए पिछली कांग्रेस सरकारों की तीखी आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया अब 'भारत की विकास दर' देख रही है और भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है।
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सारी पाबंदियां और लाइसेंस राज की नीतियों ने भारत को दुनिया की सबसे धीमी आर्थिक वृद्धि दर में धकेल दिया था।
उन्होंने कहा, "इस कमजोर वृद्धि दर को, इस विफलता को, दुनिया में हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ कहा जाने लगा। एक समाज का पूरा अपमान! विफलता सरकार में बैठे हुए लोगों की, समझ शक्ति का अभाव बैठे हुए लोगों का, दिन रात भ्रष्टाचार में डूबे हुए लोगों का और गाली पड़ी एक बहुत बड़े समाज को, हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ…!"
उन्होंने कहा, "शाही परिवार के आर्थिक कुप्रबंधन और गलत नीतियों के कारण, पूरे समाज को दोषी ठहराया गया और दुनिया भर में बदनाम किया गया।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की आर्थिक क्षमता को पहचानने लगी है और आज दुनिया तेज गति से आगे बढ़ने वाले देश के रूप में देख रही है।
उन्होंने कहा, "...तो आज दुनिया भारत रेट ऑफ ग्रोथ, देख रही है और हर भारतीय को इस पर गर्व है और हम अपनी अर्थव्यवस्था का विस्तार कर रहे हैं।"
'हिंदू विकास दर' शब्द अर्थशास्त्री राज कृष्णा द्वारा गढ़ा गया था और इसे 1950 और 1980 के दशक के दौरान दर्ज की गई 4 प्रतिशत की धीमी औसत वृद्धि के लिए संदर्भित किया गया है।
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