बशीरहाट, 22 मई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चक्रवात से प्रभावित पश्चिम बंगाल को एक हजार करोड़ रुपये की अग्रिम मदद देने की शुक्रवार को घोषणा की।
चक्रवाती तूफान के चलते राज्य में कम से कम 77 लोगों की जान चली गई और राजधानी कोलकाता समेत कई दक्षिणी जिले तबाह हो गए हैं।
मोदी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ चक्रवात से प्रभावित कुछ इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।
उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट में धनखड़, बनर्जी और राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ आधिकारिक बैठक में स्थिति की समीक्षा में मोदी ने प्रत्येक मृतक के परिवार को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी की।
कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटते हुए भी प्राकृतिक आपदा का सामना करने के लिए राज्य प्रशासन को प्रेरित करने के बनर्जी के प्रयासों की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि पूरा देश पश्चिम बंगाल के साथ खड़ा है जहां सरकार द्वारा कदम उठाए जाने के बावजूद करीब 80 लोगों की जान चली गई
मोदी ने वीडियो संदेश में कहा, ‘‘ मैं राज्य को 1,000 करोड़ रुपये की अग्रिम मदद देने की घोषणा करता हूं। घरों के अलावा कृषि, बिजली और अन्य क्षेत्रों को पहुंचे नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।’’
उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, पूर्व एवं पश्चिम मिदनापुर, कोलकाता, हावड़ा और हुगली जिलों में अवसंरचना, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा, ‘‘ संकट और निराशा के इस समय में पूरा देश और केन्द्र बंगाल के लोगों के साथ है।’’
मोदी ने कहा कि राज्य में नुकसान के पैमाने के आकलन के लिए केंद्र एक टीम तैनात करेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र बर्बाद एवं क्षतिग्रस्त ढांचों के पुनर्निमाण और लोगों को राहत देने के लिए संकट के इस समय में राज्य सरकार के साथ करीब से काम करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने के लिए सामाजिक दूरी बनाने की जरूरत है जबकि चक्रवात से लड़ने के लिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की।”
उन्होंने इस बात को माना कि चक्रवात के बाद राहत शिविरों में लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी कोविड-19 वैश्विक महामारी को रोकने के प्रयासों को विफल कर सकती है।
मोदी ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल संकट का अच्छे से सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा, “इस प्रतिकूल समय में हम सब पश्चिम बंगाल के साथ हैं।”
केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, देबश्री चौधरी, प्रताप चंद्र सारंगी और धर्मेंद्र प्रधान भी बैठक में मौजूद थे।
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