बेंगलुरु, 23 जून कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को पिछली भाजपा सरकार को ‘वित्तीय अनुशासनहीनता’ के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को ठीक करने में कुछ समय लगेगा।
उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार की ‘वित्तीय अनुशासनहीनता’ के कारण सरकारी ठेकेदारों को परेशानी हुई। उन्होंने ठेकेदारों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान ‘दलाली गिरोह’ का भंडाफोड़ किया जाएगा।
सिद्धरमैया ने यहां एक बैठक के दौरान ठेकेदारों से कहा, “पिछली सरकार की वित्तीय अनुशासनहीनता और कमीशनखोरी ने ठेकेदारों के लिए समस्याएं खड़ी कर दी हैं। भाजपा ने जिस अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार दिया है, उसे ठीक करने में कुछ समय लगेगा।”
कर्नाटक राज्य ठेकेदार संघ के अध्यक्ष डी. केम्पन्ना के नेतृत्व में ठेकेदारों ने उनसे ठेकेदारों के 20,000 करोड़ रुपये के लंबित बिल जारी करने और साख पत्र जारी करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि बजट सत्र के बाद बीबीएमपी और वित्त विभाग के सचिवों की समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी।
उन्होंने अनुरोध किया कि रोकी गई राशि जारी की जाए और अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
केम्पन्ना ने बाद में संवाददाताओं से कहा, “ठेकेदार संकट में हैं। लंबित विधेयकों के अलावा हमने किसी बात पर चर्चा नहीं की है। उन्होंने इस समस्या का समाधान करने का वादा किया है।”
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