नयी दिल्ली, 28 मई जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों के एक वर्ग ने रविवार को आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में सुरक्षा बढ़ाकर उन्हें ‘महिला महा पंचायत’ में हिस्सा लेने से ‘‘रोका’’।
भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए ‘महा पंचायत’ का आह्वान किया गया था।
छात्रों ने कहा कि परिसर पर अत्यधिक संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिस या प्रशासन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने दावा किया कि परिसर में ‘‘अघोषित रूप से धारा 144’’ लागू की गयी है।
आईसा कार्यकर्ता मधुरिमा कुंडु ने कहा, ‘‘आज महिला पंचायत की घोषणा हुई थी और छात्रों को इसमें हिस्सा लेने से रोकने के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के अंदर और बाहर अत्यधिक संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। सरकार ने यौन उत्पीड़न के आरोपी की रक्षा के लिए पूरी मशीनरी लगा दी है।’’
उन्होंने परिसर में तैनात महिला पुलिस कर्मियों की एक तस्वीर भी साझा की।
कुंडु ने आरोप लगाया कि जैसे ही उन्होंने मुख्य द्वार से बाहर कदम रखा उन्हें जबरन रोका गया।
उन्होंने कहा, ‘‘महिला पुलिस (कर्मियों) ने मुझे घेर लिया और मुझे मेरे निजी फोन से वीडियो बनाने से रोका।’’
इस प्रतिबंध के विरोध में कई छात्रों ने विश्वविद्यालय के गेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने सिंह की गिरफ्तारी की भी मांग की।
आईसा ने एक प्रेस नोट में कहा, ‘‘महिला पंचायत में जाने से छात्रों को रोकने के लिए परिसर में अघोषित रूप से लागू धारा 144 तथा यौन उत्पीड़न के आरोपी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद बृज भूषण सिंह के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहीं महिला पहलवानों एवं महिला नेताओं को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ जेएनयू गेट पर प्रदर्शन किया गया।’’
दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन में बैठीं महिला पहलवानों ने सिंह की गिरफ्तारी की मांग की है। उनका आरोप है कि सिंह ने कई महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न किया।
दिल्ली पुलिस ने विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया को ‘महापंचायत’ के लिए नए संसद भवन की ओर जाने की कोशिश के दौरान सुरक्षा घेरा तोड़ने के कारण कानून और व्यवस्था के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया।
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