देश की खबरें | पंजाब, ओडिशा में पत्रकारों पर हमले की भारतीय प्रेस परिषद ने निंदा की

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नयी दिल्ली, नौ जुलाई पंजाब और ओडिशा में पत्रकारों पर हमलों की खबर के सिलसिले में भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) ने बृहस्पतिवार को इन दोनों राज्यों की सरकारों से टिप्पणी मांगी है।

पीसीआई ने कहा कि उसने कोविड-19 लॉकडाउन अवधि के दौरान इन दोनों राज्यों में पत्रकारों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लिया है।

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पीसीआई ने कहा कि एक घटना में पंजाबी जागरण अखबार के संवाददाता जय सिंह छिब्बर पर एक अनाम मंत्री के बारे में खबर लिखने पर कथित रूप से प्राथमिकी दर्ज की गई और एक अन्य मामले में मोहाली पुलिस थाने के दो सहायक उपनिरीक्षकों ने कथित रूप से रोजाना पहरेदार अखबार के मेजर सिंह पंजाबी को प्रताड़ित किया।

परिषद ने एक बयान में कहा, “भारतीय प्रेस परिषद देश के किसी भी हिस्से में पत्रकार या मीडियाकर्मी को प्रताड़ित किये जाने या शारीरिक हिंसा किये जाने की कड़ी निंदा करती है। परिषद ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार से जवाब मांगा है।”

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इसी तरह ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के नौगांव प्रखंड में पृथकवास के दौरान नौगांव के सरपंच अरण्य नायक द्वारा कथित तौर पर कोविड-19 दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने की रिपोर्टिंग करने पर पत्रकार महादेव नायक को एक अस्थायी चिकित्सा केंद्र में बंधक बनाने और उनके प्रेस उपकरण को नुकसान पहुंचाए जाने पर भी पीसीआई ने संज्ञान लिया है।

बयान में कहा गया, “इस मामले पर संज्ञान लेते हुए पीसीआई ने ओडिशा सरकार से जवाब मांगा है।”

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