जरुरी जानकारी | तेल, गैस क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने के लिये और सुधार की तैयारी: पेट्रोलियम सचिव
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पेट्रोलियम सचिव तरूण कपूर ने बुधवार को संकेत दिया कि तेल एवं गैस खोज और उत्पादन में निजी भागीदारी बढ़ाने को लेकर और नये सुधारों की तैयारी है। हालांकि, उन्होंने कम कीमत वाले मौजूदा दौर में कारोबार को आकर्षक बनाने के लिये उद्योग की शुल्क और रॉयल्टी में कटौती की मांग पर कोई प्रतिबद्धता नहीं जतायी।
नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर पेट्रोलियम सचिव तरूण कपूर ने बुधवार को संकेत दिया कि तेल एवं गैस खोज और उत्पादन में निजी भागीदारी बढ़ाने को लेकर और नये सुधारों की तैयारी है। हालांकि, उन्होंने कम कीमत वाले मौजूदा दौर में कारोबार को आकर्षक बनाने के लिये उद्योग की शुल्क और रॉयल्टी में कटौती की मांग पर कोई प्रतिबद्धता नहीं जतायी।
सेरा वीक के भारत ऊर्जा मंच की बैठक समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि कंपनियों को निम्न मूल्य के दौर में काम करने और बाजार में बने रहने की आदत डालनी होगी।
यह भी पढ़े | उत्तर प्रदेश: ब्लैकमेलिंग से परेशान लड़की ने की खुदकुशी.
उन्होंने कहा, ‘‘खोज और उत्पादन से जुड़ी कंपनियों (अपस्ट्रीम) की उपकर और रॉयल्टी में कमी की मांग है। इस बारे में निर्णय सरकार को करना है। सरकर अर्थव्यवस्था के लिये संसाधन की जरूरत को ध्यान में रखकर निर्णय करती है।’’
महामारी के बाद ईंधन मांग में कमी के चलते तेल एवं गैस के दाम निम्न स्तर पर हैं। तेल के दाम में नरमी के बीच ओएनजीसी जैसी तेल खोज और उत्पादन से जुड़ी कंपनियों ने सरकार से तेल उपकर और रॉयल्टी में कमी करने की मांग की है।
यह भी पढ़े | केन्द्र ने जम्मू कश्मीर औद्योगिक विकास निगम की स्थापना के लिये जारी की अधिसूचना.
हालांकि, तेल के दाम में नरमी ग्राहकों के लिहाज से अच्छी है, लेकिन यह नये निवेश को आकर्षित नहीं करती। जबकि कुओं से तेल और गैस निकालने के लिये भारी निवेश की जरूरत होती है।
कपूर ने कहा कि खोज और उत्पादन से जुड़ी कंपनियां फिलहाल कोई बहुत दबाव में नहीं हैं। तेल के दाम 20 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर अब 40 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गये हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कंपनियों को अब इन कीमतों पर काम करना है। दीर्घकाल में अपस्ट्रीम कंपनियों को बाजार के साथ सांमजस्य बैठाना पड़ेगा।’’
तेल एवं गैस ब्लॉक के लिये पिछली दो बोलियों के दौरान निजी क्षेत्र की भागीदारी न के बराबर होने के बारे में पेट्रोलियम सचिव ने कहा कि भारत में तेल और गैस की खोज और उत्पादन में निवेश को लेकर काफी रूचि है लेकिन महामारी ने खेल बिगाड़ा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि अगले दौर में, निजी क्षेत्र की अच्छी भागीदारी होगी... हम कुछ और सुधार करने जा रहे हैं।’’
हालांकि कपूर ने सुधारों के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।
खुला क्षेत्र लाइसेंसिंग नीति (ओएएलपी) के तहत चौथे और पांचवें दौर की बोलियों में ओएनजीसी और ओआईएल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की भागीदारी रही जबकि निजी क्षेत्र से न के बराबर बोलियां आयीं।
पेट्रोलियम सचिव ने कहा कि भारत तेल रिफाइनिंग क्षमता में इजाफा करेगा क्योंकि देश में ईंधन की मांग में वृद्धि होगी।
कपूर के अनुसार सरकार चाहती है कि भारत रिफाइनिंग का केंद्र बने ताकि क्षेत्र में पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात हो सके।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)