जरुरी जानकारी | दिल्ली में बिजली मांग मंगलवार को 5,464 मेगावाट के उच्चतम स्तर पर पहुंची

नयी दिल्ली, 27 मई राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिजली की मांग मंगलवार की रात इस मौसम में अबतक के उच्च स्तर 5,464 मेगावाट पर पहुंच गयी। रिकार्ड गर्मी के साथ बिजली की मांग उच्चतम स्तर पर पहुंची है। बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली में भीषण गर्मी और 18 मई से ‘लॉकडाउन’ में ढील के बाद वाणिज्यिक तथा औद्योगिक गतिविधियां शुरू होने के साथ बिजली की अधिकतम मांग में अबतक 32 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो चुकी है।

यह भी पढ़े | Coronavirus in Agra: ताज नगरी में मरीजों के ठीक होने की दर 87 फीसदी हुई, वायरस का प्रसार धीमा पड़ा.

दिल्ली के ‘लोड डिस्पैच सेंटर’ के आंकड़ों के अनुसार शहर में मंगलवार की रात 11.20 बजे बिजली की अधिकतम मांग 5,464 मेगावाट पहुंच गयी।’’

अधिकारियों के अनुसार, ‘‘यह लगातार तीसरा दिन है जब दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग पिछले साल के समान दिनों की तुलना में अधिक रही है।’’

यह भी पढ़े | कोविड-19: क्या है सीरोसर्वे, देश में दो तरह के हो रहे सर्वेक्षण.

इससे पहले, 26 मई 2019 को बिजली की अधिकतम मांग दिल्ली में 5,236 मेगावाट दर्ज की गयी थी।

आंकड़ों के अनुसार इस साल 24 और 25 मई को बिजली की अधिकतम मांग क्रमश: 5,286 मेगावाट और 5,385 मेगावाट रही जबकि पिछले वर्ष इसी महीने की समान तारीख को अधिकतम मांग क्रमश: 5,094 मेगावाट और 5,107 मेगावाट थी।

वितरण कंपनी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के प्रवक्ता के अनुसार कंपनी ने अपने वितरण क्षेत्र में 1,556 मेगावाट की अधिकतम मांग को पूरा किया।

बीएसईएस की वितरण कंपनियां बीआरपीएल (बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड) और बीवाईपीएल (बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड) के अधिकारियों के अनुसार दोनों वितरण कंपनियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में क्रमश: 2542 मेगावाट और 1,174 मेगावाट बिजली की अधिकतम मांग पूरी की।

दिल्ली में मंगलवार को गमी चरम पर रही अैर 18 साल का यह सबसे गर्म दिन रहा। सफदरजंग मौसम केंद्र में पारा 46 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे पहले 2002 में मई महीने में तापमान इस स्तर तक पहुंचा था। बुधवार को भी तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान है।

टीपीडीडीएल के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘तापमान बढ़ने और लू के थपेड़ों के कारण बिजली की मांग बढ़ी है। आने वाले दिनों में टीपीडीडीएल के क्षेत्रों (उत्तर और उत्तर पश्चिम दिल्ली) में बिजली मांग 1930 मेगावाट तक पहुंच सकती है।

उसने कहा कि वितरण कंपनी ने बिजली की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिये 2,500 मेगावाट तक की बिजली की व्यवस्था की है।

बीएसईएस के प्रवक्ता के अनुसार बीआरपीएल और बीवाईपीएल ने भी अपने 44 लाख ग्राहकों को बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिये पूरी व्यवस्था की है। इसमें दीर्घकालीन बिजली खरीद समझौता, अन्य राज्यों से समझौता शामिल हैं।

दिल्ली में कोविड-19 महामारी और उसकी रोकथाम के लिये जारी ‘लॉकडाउन’ के कारण पिछले दो महीनों में बिजली मांग में करीब 49 प्रतिशत की कमी आयी। लेकिन अब गर्मी बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू होने से मांग बढ़ रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली में जुलाई में बिजली की अधिकतम मांग 7,500 मेगावाट तक जा सकती है जो पिछले साल 2019-20 के अधिकतम स्तर 7,409 मेगावाट से अधिक है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)