जयपुर, 27 सितम्बर राजस्थान के हिंसा प्रभावित डूंगरपुर जिले में तनाव को खत्म करने के लिये रविवार को प्रर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बैठक की। यहां स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्यबल की दो कंपनियों को तैनात किया गया है।
शनिवार रात को उग्र प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई थी जबकि दो अन्य लोग घायल हो गये थे।
बिगडती कानून व्यवस्था की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने शनिवार रात पुलिस महानिदेशक एम.एल. लाठर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एम एन और जयपुर पुलिस आयुक्त आनंद श्रीवास्तव को डूंगरपुर भेजा था।
रविवार को खेरवाडा में समाज के नेताओं, प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल, स्थानीय जन प्रतिनिधियों और पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने मुद्दे पर चर्चा की।
बैठक के बाद जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री अर्जुनसिंह बामनिया ने संवाददाताओं को बताया,‘‘हमने प्रदर्शनकारियों से हिंसा रोकने और शांति बनाये रखने की अपील की है। हम सब चाहते है कि इस क्षेत्र में शांति बनी रहे और हब सब शांति बनाये रखने के लिये यहां इकठ्ठे हुए हैं।’’
उन्होंने कहा कि बैठक में आमराय थी कि इस क्षेत्र में आगे से कोई आगे से किसी तरह का उपद्रव नहीं फैले और शांति बहाल हो। बैठक में क्षेत्र के दोनो लोकसभा सदस्यों, पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री सहित क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
उदयपुर के पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता रघुवीर मीणा ने कहा कि बैठक सकारात्मक रही और अब जनप्रतिनिधियों के साथ पुलिस, प्रशासन के आला अधिकारी आंदोलन स्थल पर जा रहे है ताकि स्थिति में सुधार लाया जा सके और शांति बहाल हो सके।
जयपुर में पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने स्थिति की समीक्षा की और वरिष्ठ अधिकारियों से फीडबैक लिया।
उन्होंने बताया कि डूंगरपुर में अब स्थिति शांति पूर्ण है।
पुलिस महानिदेशक ने 'पीटीआई—' को बताया कि रविवार को क्षेत्र में त्वरित कार्यबल की दो कंपनियों को तैनात किया गया है। शनिवार रात को पुलिस के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को डूंगरपुर भेजा गया था और वर्तमान में स्थिति शांतिपूर्ण है।
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