पुणे, 20 अगस्त महाराष्ट्र के पुणे में पोर्श कार दुर्घटना मामले में रक्त के नमूनों की कथित अदला-बदली के सिलसिले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मामले में गिरफ्तार किये गए लोगों की संख्या बढ़कर अब नौ हो गई है।
पुलिस ने सोमवार देर रात आदित्य अविनाश सूद (52) और आशीष सतीश मित्तल (37) को गिरफ्तार किया, जिनके रक्त के नमूनों का कथित तौर पर दो नाबालिगों के नमूनों की जगह इस्तेमाल किया गया था।
ये दोनों लड़के, उस 17 वर्षीय किशोर के साथ थे, जो 19 मई की सुबह हुई दुर्घटना के समय पोर्श कार चला रहा था।
रक्त की यह अदला-बदली इसलिए की गई कि कार में सवार तीनों नाबालिग कथित तौर पर नशे में थे।
पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने मंगलवार सुबह कहा, “कार में नाबालिग आरोपी के साथ मौजूद दो नाबालिगों के खून के नमूने इन दो गिरफ्तार व्यक्तियों के खून के नमूनों से बदले गए थे।”
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किये गये दो लोगों में से एक घटना के वक्त आरोपी के साथ गाड़ी में मौजूद दो अन्य नाबालिगों में से एक का पिता है।
सूद और मित्तल को मंगलवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 26 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुणे के कल्याणी नगर इलाके में 19 मई को तड़के कथित तौर पर नशे की हालत में कार चला रहे नाबालिग ने मोटरसाइकिल पर सवार एक महिला समेत दो आईटी पेशेवरों को टक्कर मार दी थी, जिसके बाद दोनों की मौत हो गई थी।
नाबालिग का पिता जाना-माना बिल्डर है।
नाबालिग के माता-पिता, फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के तत्कालीन प्रमुख डॉ. अजय तावड़े, डॉ. श्रीहरि हल्नोर और ससून अस्पताल के एक कर्मचारी अतुल घाटकांबले को नाबालिग के रक्त के नमूनों को उसकी मां के नमूनों के साथ बदलने के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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