विदेश की खबरें | निमोनिया से जूझ रहे पोप ने वेंटिलेशन मास्क लगाकर गुजारी पूरी रात
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

पोप के स्वास्थ्य के बारे में नवीनतम सूचना देते हुए वेटिकन ने बताया कि पोप पूरी रात ‘वेंटिलेशन मास्क’ लगाकर सोए। वह सुबह आठ बजे के आसपास जागे।

पोप फ्रांसिस (88) की हालत स्थिर बनी हुई है, लेकिन उनकी स्थिति पर अब भी निगरानी रखी जा रही है। वह खतरे से बाहर नहीं हैं।

उनको सोमवार को दो बार श्वसन संबंधी समस्या हुई, जिससे उनके इलाज में रुकावट आई। पोप को फेफड़ों से संबंधित गंभीर बीमारी है। युवावस्था में उनके एक फेफड़े का कुछ हिस्सा बीमारी की वजह से निकाल दिया गया था।

वेटिकन ने बताया कि मंगलवार को वह एक दिन पहले हुई श्वसन संबंधी समस्या के बाद ऑक्सीजन की मदद से सांस ले रहे थे, लेकिन रात में उन्होंने वेंटिलेशन मास्क का उपयोग फिर से शुरू कर दिया।

फ्रांसिस 14 फरवरी से अस्पताल में भर्ती हैं।

फ्रांसिस का उपचार जारी है, जबकि वेटिकन लेंट की तैयारी कर रहा है, जो 'ऐश वेडनेसडे' से शुरू होने वाला ‘पवित्र काल’ है और 20 अप्रैल को ईस्टर तक जारी रहेगा। रोम में पारंपरिक सेवा और जुलूस के साथ वेटिकन समारोहों में फ्रांसिस की जगह फिलहाल अनुष्ठानों के लिए एक कार्डिनल को नियुक्त किया गया है।

'ऐश वेडनेसडे' एक महत्वपूर्ण धार्मिक दिन होता है, जिसे ईसाई धर्म में खासतौर पर मनाया जाता है। इस दिन कैथोलिक ईसाइयों के माथे पर पवित्र राख से एक क्रॉस का चिन्ह बनाया जाता है। यह चिन्ह यह बताने के लिए होता है कि सभी की मृत्यु निश्चित है और यह जीवन की अस्थिरता को याद दिलाता है।

वेटिकन ने फ्रांसिस के बिना लेंट की तैयारी शुरू कर दी है।

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