नयी दिल्ली, सात अक्टूबर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को सिविल लाइंस के निकट खैबर पास में एक निर्माण स्थल पर “प्रदूषण संबंधी दिशानिर्देशों का उल्लंघन” करने के लिए रियल एस्टेट कंपनी पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा गया है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सरकार के धूल रोधी अभियान के तहत निर्माण स्थल का दौरा करने पहुंचे राय ने कहा कि कंपनी को कई दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया और वहां चार एंटी-स्मॉग गन के बजाए सिर्फ एक एंटी-स्मॉग गन थी जिसे निर्माणस्थल के बाहर रखा गया था।
राय ने कहा कि जब तक रियल एस्टेट कंपनी सभी 14 सूत्री दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करती है, तब तक निर्माण कार्य रुका रहेगा।
उन्होंने कहा, “निर्माण स्थल की परिधि के चारों ओर उपयुक्त ऊंचाई की हवारोधी दीवारों की स्थापना और निर्माणाधीन क्षेत्र व भवन के चारों ओर तिरपाल या हरा जाल लगाना आवश्यक है। इस निर्माण स्थल पर उस दिशानिर्देश का भी पालन नहीं किया जा रहा था।”
निर्माण स्थलों पर प्रदूषण मानदंडों के अनुपालन की जांच के लिए एक महीने तक चलने वाला धूल रोधी अभियान दिल्ली में बृहस्पतिवार को शुरू किया गया था और इसका अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए 586 टीमों का गठन किया गया है।
दिल्ली के मंत्री ने कहा, “खैबर पास निर्माण क्षेत्र में पार्श्वनाथ डेवलपर्स रियल एस्टेट कंपनी द्वारा 14 में से कम से कम 8 मानदंडों का उल्लंघन किया गया था। यहां सिर्फ एक एंटी स्मॉग गन लगाई गई है, वह भी निर्माण स्थल के क्षेत्र के बाहर। मैंने डीपीसीसी से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा है।”
मानकों के मुताबिक, पांच हजार वर्ग मीटर से बड़े निर्माण स्थलों को एंटी-स्मॉग गन की तैनाती करनी होगी जबकि 10 हजार वर्ग मीटर से बड़े स्थलों को दो एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल करना होगा। मंत्री ने कहा कि 15 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा के क्षेत्र वाले निर्माण स्थलों पर तीन एंटी-स्मॉग गन तैनात करनी होंगी।
इसी तरह, 20 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा के निर्माण स्थलों पर धूल के प्रदूषण को रोकने के लिये चार एंटी-स्मॉग गन लगानी होगी।
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