देश की खबरें | पुलिस ने उच्च न्यायालय से कहा : दिल्ली दंगों के आरोपी के बयान के बारे में सूचना उसने लीक नहीं की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पुलिस ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के छात्र के बयान की सूचना उसके अधिकारियों ने मीडिया में लीक नहीं की। छात्र को फरवरी में संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान उतर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर पुलिस ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के छात्र के बयान की सूचना उसके अधिकारियों ने मीडिया में लीक नहीं की। छात्र को फरवरी में संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान उतर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस उपायुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) ने हलफनामा दायर कर न्यायमूर्ति विभु बाखरू को सूचित किया कि दिल्ली पुलिस भी अखबार की खबर से व्यथित है जिसमें जेएमआई विश्वविद्यालय के छात्र आसिफ इकबाल तान्हा का कथित स्वीकारोक्ति बयान लीक हुआ था।

यह भी पढ़े | Rape in Banda: यूपी के बांदा में 10 साल की बच्ची के साथ 22 साल के दरिंदे ने किया रेप, आरोपी गिरफ्तार.

वकील अमित महाजन एवं रजत नैयर के मार्फत दायर पुलिस हलफनामे में कहा गया कि जांच में शामिल किसी भी अधिकारी ने मीडिया को सूचना लीक नहीं की।

हलफनामे पर गौर करने के बाद उच्च न्यायालय ने ज़ी न्यूज के वकील से कहा कि बयान के स्रोत का खुलासा करें।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Election 2020: बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का आरजेडी पर बड़ा हमला, कहा-उनके कार्यकाल में शहाबुद्दीन को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा, नीतीश की सरकार आते ही जेल भेजा गया.

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आपने राष्ट्रीय चैनल पर खुलासे वाले बयान दिखाए हैं। पुलिस ने कहा कि उसने इसे जारी नहीं किया तो आपने इसे कहां से प्राप्त किया।’’

जी न्यूज की तरफ से पेश वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि वह इस मुद्दे पर निर्देश प्राप्त करेंगे।

अदालत ने मीडिया घराने से कहा कि हलफनामा दायर कर बयान के स्रोत का स्पष्ट रूप से खुलासा करें और मामले में सुनवाई की अगली तारीख 19 अक्टूबर तय की।

फेसबुक की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि मामले में इसकी कोई भूमिका नहीं है।

उच्च न्यायालय तान्हा की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उनके खुलासे वाले बयान को मीडिया में लीक कर अच्छा आचरण नहीं किया है। जांच के दौरान जांच एजेंसी ने उनके बयान दर्ज किए थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\