देश की खबरें | प्राचार्य के आत्महत्या के मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करे पुलिस: अदालत
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जबलपुर (मध्यप्रदेश) , 31 जुलाई मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सागर जिले के महाराजपुर पुलिस थाने को शुक्रवार को निर्देश दिये हैं कि वह एक स्कूल के प्राचार्य के आत्महत्या करने के मामले में बनाये गये आरोपी याचिकाकर्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करे।

याचिकाकर्ता द्वारा भ्रष्टाचार संबंधित शिकायत करने पर इस प्राचार्य ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी और पुलिस ने शिकायतकर्ता के खिलाफ ही आत्महत्या के लिए मजूबर करने सहित भादंवि की अन्य धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम :एससी/एसटी एक्ट: के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली थी, जिसके खिलाफ शिकायतकर्ता ने अदालत में याचिका दायर की थी।

यह भी पढ़े | Sushant Singh Rajput Suicide Case: बिहार से मुंबई केस ट्रांसफर की मांग वाली रिया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 5 अगस्त को होगी सुनवाई: 31 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

याचिकाकर्ता के वकील पंकज दुबे ने बताया कि न्यायमूर्ति जे.पी. गुप्ता ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देश किया है कि वह याचिकाकर्ता के खिलाफ सख्त कार्यवाही नहीं करे।

याचिकाकर्ता आषुतोष उपाध्याय की तरफ से दी गई अर्जी में कहा गया था कि सागर जिले में दिसम्बर 2019 में अतिथि शिक्षक की भर्ती निकली थी। याचिकाकर्ता ने 14 दिसम्बर 2019 को आवेदन पेश किया था। लेकिन इसके पहले ही शासकीय शाला निरंदपुर के प्रचार्य नारायण गौड द्वारा 12 दिसम्बर 2019 को अन्य व्यक्ति की नियुक्ति कर दी थी।

यह भी पढ़े | नोएडा के सेक्टर -11 में बहुमंजिला इमारत हुई जमीदोज, 4 को बचाया गया, कई और लोगों के फंसे होने की आशंका- राहत बचाव कार्य जारी.

उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत 15 दिसम्बर 2019 को याचिकाकर्ता सहित दो अन्य व्यक्तियों द्वारा की गयी थी। शिकायत करने के अगले दिन 16 दिसम्बर को जाँच समिति ने प्राचार्य से पूछताछ की थी। प्राचार्य ने 17 दिसंबर 2019 को फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महाराजपुर पुलिस ने याचिकाकर्ता सहित दो अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण कायम कर लिया था।

उपाध्याय ने बताया कि याचिकाकर्ता ने पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण पर रोक लगाने आवेदन पेश किया था, जिसकी सुनवाई के बाद अदालत ने उक्त आदेश जारी किये।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)