कोलकाता/कोलाघाट (पश्चिम बंगाल), 12 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को विपक्षी दलों और विशेष रूप से पंचायत चुनावों के दौरान हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर निशाना साधा, जिसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मणिपुर में कार्रवाई न होने पर केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी की तीखी आलोचना की।
कोलकाता से 70 किमी दूर स्थित कोलाघाट में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान संसद से बहिर्गमन करने पर विपक्षी दलों पर ‘‘चर्चा से भागने’’ का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार ने विपक्ष द्वारा देश भर में ‘‘फैलाई जा रही नकारात्मकता’’ को पराजित कर दिया है।
प्रधानमंत्री ने हाल में राज्य में हुए पंचायत चुनावों में हिंसा को लेकर टीएमसी पर हमला किया और इसे ‘‘खूनी खेला’’ करार दिया, जहां विपक्ष को डराने के लिए ‘‘आतंक फैलाकर और धमकाकर’’ जीत हासिल की गई।
मोदी ने कहा, ‘‘हाल में, बंगाल में पंचायत चुनाव हुए। पूरे देश ने टीएमसी का खूनी खेल देखा। हिंसा का इस्तेमाल विपक्ष को धमकाने के साधन के रूप में किया गया। टीएमसी ने वोट लूटे। लेकिन इसके बावजूद, बंगाल के लोगों के प्यार से भाजपा उम्मीदवारों की जीत हुई है।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि ‘‘जो लोग लोकतंत्र के हिमायती होने का दावा करते हैं और इलेक्टॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाते हैं’’ उन्होंने बंगाल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ‘‘कमजोर’’ कर दिया है।
मोदी ने आरोप लगाया, ‘‘टीएमसी ने यह सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ किया कि भाजपा उम्मीदवार नामांकन दाखिल न कर सकें। उन्होंने न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं बल्कि मतदाताओं को भी धमकी दी।’’
प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने मीडिया को एक रिकॉर्डेड संदेश में उनसे बंगाल को बदनाम करने के बजाय सही ‘व्यवहार’ करने को कहा।
बनर्जी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और भाजपा को पश्चिम बंगाल के बारे में बात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने अपनी ही पार्टी के भ्रष्ट नेताओं और चरित्र हनन, महिलाओं पर अत्याचार, पहलवानों पर अत्याचार और मणिपुर में अत्याचार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।’’
टीएमसी प्रमुख ने कहा, ‘‘भाजपा ने बंगाल में पंचायत चुनावों के दौरान 15-16 लोगों की हत्या कर दी। आपको ऐसे लोगों को छूट देने के बजाय उचित व्यवहार करना चाहिए।’’
टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री ने अभी तक 2021 के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार स्वीकार नहीं की है। उन्होंने दावा किया, ‘‘ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री ने अभी तक 2021 विधानसभा में अपनी पार्टी की हार स्वीकार नहीं की है। पश्चिम बंगाल और टीएमसी के खिलाफ उनकी टिप्पणी राज्य के लोगों के प्रति भाजपा की गहरी नफरत को दर्शाती है।’’
प्रधानमंत्री ने भाजपा की पंचायती राज परिषद में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर मणिपुर पर चर्चा के बारे में ‘‘गंभीर नहीं होने’’ का भी आरोप लगाया क्योंकि ‘‘इससे उन्हें सबसे अधिक नुकसान होता।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘दो दिन पहले ही, हमने संसद में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को हरा दिया। हमने उनके द्वारा फैलाई जा रही नकारात्मकता को पराजित किया है। विपक्ष को सदन से भागते हुए पूरे देश ने देखा है। दुर्भाग्य से, उन्होंने मणिपुर के लोगों को धोखा दिया।’’
मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा से विपक्षी सांसदों के बहिर्गमन के बाद ध्वनि मत से बृहस्पतिवार को गिर गया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में चर्चा के माध्यम से समाधान खोजने के अवसर का उपयोग नहीं किया जा सका क्योंकि विपक्षी दलों ने ‘‘लोगों के कल्याण की जगह अपनी राजनीति को प्राथमिकता दी।’’ मोदी ने कहा, ‘‘ऐसे संवेदनशील विषय पर चर्चा होती तो मणिपुर के लोगों को राहत महसूस होती। उस समस्या के हल के लिए कुछ समाधान सामने आए होते।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन विपक्षी दल इस पर चर्चा नहीं करना चाहते थे क्योंकि वे जानते थे कि मणिपुर की सच्चाई उन्हें सबसे ज्यादा चुभेगी।’’
प्रधानमंत्री की टिप्पणी का परोक्ष रूप से संदर्भ देते हुए बनर्जी ने दावा किया कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार ने ‘‘पूर्वोत्तर राज्य में अत्याचारों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।’’
मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित किए जाने के बाद हुई जातीय झड़पों के बाद से 160 से अधिक लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए।
बनर्जी ने यह भी कहा कि ‘‘प्रधानमंत्री मोदी भ्रष्टाचार पर नहीं बोल सकते’’ क्योंकि उनकी सरकार ‘‘नोटबंदी, पीएम केयर फंड, राफेल सौदे में भ्रष्टाचार’’ के आरोपों का सामना कर रही है।
बनर्जी, जी20 भ्रष्टाचार निरोधक मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करने के दौरान मोदी की टिप्पणियों का जिक्र कर रही थीं, जहां प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति है।
बाद में, एक अन्य ऑडियो बयान में बनर्जी ने कहा कि ब्रिटिश शासन के खिलाफ महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन के आह्वान की तरह वर्तमान समय में 'भाजपा भारत छोड़ो' का नारा पूरे देश में गूंज रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि भाजपा को सत्ता से बाहर किया जाए। हम उनके नेताओं को देश छोड़ने के लिए नहीं कह रहे हैं; उन्हें सत्ता से बाहर करना चाहिए। भाजपा भारत छोड़ो। इंडिया (विपक्षी दलों का गठबंधन) भाजपा को हराएगा।’’
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